मुंबई | देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देते हुए और आम जनता को राहत देते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.5% पर बरकरार रखा है। इसका मतलब है कि अब लोन न तो सस्ते होंगे और न महंगे – आपकी EMI फिलहाल जैसी है, वैसी ही रहेगी।
फैसले की मुख्य बातें:
- रेपो रेट 5.5% पर स्थिर
- GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8%
- महंगाई में गिरावट और GST कटौती ने दी राहत
- इस साल अब तक कुल 1% की कटौती हो चुकी है
EMI न बढ़ेगी, न घटेगी: आम लोगों को राहत
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 अक्टूबर को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सभी 6 सदस्य ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में थे।
इससे यह साफ है कि बैंकिंग क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी और आम लोगों पर ब्याज दर का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
GDP ग्रोथ में सुधार का भरोसा
RBI ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8% किया है, जो पहले 6.5% था।
✅ यह दर्शाता है कि:
- उद्योगों में तेजी आ रही है
- उपभोक्ता मांग में सुधार है
- विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है
रेपो रेट में इस साल अब तक 3 बार कटौती
| बैठक | पुराना रेट | नया रेट | बदलाव |
|---|---|---|---|
| फरवरी 2025 | 6.5% | 6.25% | -0.25% |
| अप्रैल 2025 | 6.25% | 6.0% | -0.25% |
| जून 2025 | 6.0% | 5.5% | -0.50% |
| कुल कटौती: 1% |
रेपो रेट क्या होता है और क्यों मायने रखता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI, बैंकों को शॉर्ट-टर्म लोन देता है।
यह देश की मौद्रिक नीति का सबसे ताकतवर औज़ार है, जिससे महंगाई और आर्थिक विकास दोनों को संतुलित किया जाता है।
जब रेपो रेट घटता है:
- बैंक सस्ते में कर्ज लेते हैं
- लोन और EMI सस्ती होती है
- बाजार में पैसा बढ़ता है
- मांग बढ़ती है ➝ विकास होता है
जब रेपो रेट बढ़ता है:
- कर्ज महंगा होता है
- खर्च कम होता है
- महंगाई पर लगाम लगती है
रेपो रेट स्थिर क्यों रखा गया?
महंगाई में गिरावट
GST दरों में हालिया कटौती
आर्थिक स्थिरता के संकेत
इन कारणों से RBI ने फिलहाल ब्याज दरों को छेड़ने से परहेज़ किया, जिससे वित्तीय संतुलन बना रहे।
RBI की अगली मीटिंग कब?
RBI की मौद्रिक नीति समिति हर दो महीने में बैठक करती है।
इस वित्त वर्ष (2025-26) में कुल 6 बैठकें होंगी। अगली बैठक की संभावित तारीख है: दिसंबर 2025
इस फैसले का क्या मतलब है आपके लिए?
| क्षेत्र | असर |
|---|---|
| होम लोन | EMI स्थिर |
| ऑटो लोन | ब्याज दरों में बदलाव नहीं |
| निवेश | बाजार में स्थिरता बढ़ेगी |
| महंगाई | धीरे-धीरे और कम होने की उम्मीद |
| कारोबारी माहौल | विश्वास में बढ़ोतरी |
RBI का यह फैसला कहता है:
“न तो बहुत तेजी, न ही अचानक ब्रेक – हम अर्थव्यवस्था को स्थिरता के रास्ते पर ला रहे हैं।”
– संजय मल्होत्रा, RBI गवर्नर



