बाली : गुजरात के गांधीनगर में NSG कमांडो के पद पर तैनात रमेश कुमार (40) का नागपुर (महाराष्ट्र) में ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे पाली में देसूरी तहसील के कोलर गांव के रहने वाले थे। घटना 4 अगस्त की सुबह 5 बजे हुई।
कमांडो का पार्थिव देह मंगलवार रात 12:30 बजे खिवाड़ा सीएचसी (बाली) लाया गया। बुधवार सुबह CRPF के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस का ट्रक बुलाया गया और श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पार्थिव देह को अंतिम यात्रा के लिए पैतृक गांव कोलर रवाना किया गया। घर तक 15 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। जिसमें पुलिस-प्रशासन समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे है। भारत माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं।
अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने फूल बरसाकर और भारत माता के जयघोष के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी। दोपहर करीब 11.20 बजे तिरंगा यात्रा पैतृक गांव कोलर पहुंची। गांव पहुंचने के बाद पार्थिव देह को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। इसके पश्चात गॉर्ड ऑफ ऑनर और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
गुजरात के गांधीनगर में NSG कमांडो के पद पर तैनात रमेश कुमार नागपुर में ट्रेनिंग पर थे। सोमवार सुबह करीब 5 बजे वे नियमित दौड़ के दौरान अचानक सीने में दर्द के साथ गिर पड़े। साथी जवानों ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
गांव में पसरा मातम, तीन बेटों को रोता छोड़ गया वीर
रमेश कुमार मूल रूप से देसूरी तहसील के कोलर गांव के निवासी थे। हालांकि व्यापारिक कारणों से कुछ साल पहले उनका परिवार गुजरात के भीलोड़ा में जाकर बस गया था। रमेश के तीन बेटे (प्रेम, रोहित और राज) भीलोड़ा में ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। शहादत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। भतीजे संजय के मुताबिक, रमेश हमेशा देशभक्ति और अनुशासन के लिए पहचाने जाते थे।



