ओम बिरला: प्रताप का जीवन दिखाता है कि सच्चा नेतृत्व शक्ति से नहीं, न्याय और करुणा से होता है; उनका आदर्श हर भारतीय के हृदय में गर्व जगाता है।
कोटा : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ या राजस्थान के ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के गौरव और राष्ट्र की आत्मा के प्रतीक हैं। उनका जीवन भारतीय संस्कृति के उस अमर आदर्श का प्रतिनिधित्व करता है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान, साहस और त्याग का संदेश देता है।
बिरला मंगलवार को हाड़ौती में महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप का नाम सुनते ही प्रत्येक भारतीय के हृदय में गर्व, सम्मान और श्रद्धा की भावना जाग उठती है। यह प्रतिमा उस योद्धा राजा के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और आदर का प्रतीक है, जिसने मातृभूमि की रक्षा और गौरव के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।”
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन एक प्रकाश स्तंभ की भाँति है, जो युगों-युगों तक भारतीयों को आत्मबल, संकल्प और निष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रताप ने यह सिखाया कि सच्चा नेतृत्व केवल शक्ति या पराक्रम से नहीं, बल्कि नीति, न्याय और करुणा से किया जाता है।
“जब महाराणा प्रताप ने युद्ध की कठिन परिस्थितियों में भी अपनी प्रजा की रक्षा को सर्वोपरि माना, तब उन्होंने यह आदर्श प्रस्तुत किया कि एक सच्चे शासक का कर्तव्य केवल शासन नहीं, बल्कि लोककल्याण और धर्म की रक्षा है,” — ओम बिरला
कोटा से सांसद बिरला ने कहा कि महाराणा प्रताप का शासन समानता और न्याय की भावना पर आधारित था। उन्होंने जाति, वर्ग या पंथ के भेद से परे जाकर सभी को समान अवसर और सम्मान प्रदान किया। बिरला ने कहा कि यही मूल्य आज के लोकतांत्रिक भारत की आत्मा का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने जिस स्वराज, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की भावना को जिया, वह आज भी हर भारतीय के हृदय को प्रेरित करती है। “महाराणा प्रताप की जीवनगाथा हमें यह सिखाती है कि राष्ट्र का सम्मान सर्वोपरि है और उसके लिए बलिदान ही सच्ची देशभक्ति है,” बिरला ने कहा।
ओम बिरला ने कहा कि महाराणा प्रताप का आदर्श आज के भारत के लिए और भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रताप ने आत्मनिर्भरता और स्वराज के मूल्य को जीया, उसी भावना के साथ आज का भारत भी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवंत प्रेरणा हैं, जो हर भारतीय को अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पित रहने का संदेश देते हैं।



