5 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी, 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा; चार राज्यों में अलर्ट, 50 हजार लोग हटाए गए
विशाखापट्टनम/भुवनेश्वर/चेन्नई। बंगाल की खाड़ी पर बना चक्रवात ‘मोन्था’ मंगलवार को भीषण रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह फिलहाल मछलीपट्टनम से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है और आज देर रात या बुधवार सुबह तक आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा-मछलीपट्टनम तट से टकराने की संभावना है।
तूफान के लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठेंगी।IMD ने तटीय जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
50 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर, ट्रेनें और उड़ानें रद्द
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 100 से अधिक टीमें तैनात हैं।
चारों राज्यों के निचले इलाकों से 50 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। अब तक 55 से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं, जबकि कई उड़ानें भी स्थगित की गई हैं।
काकीनाड़ा और मछलीपट्टनम में तेज हवाएं, समुद्र उफान पर
मंगलवार सुबह से ही काकीनाड़ा और मछलीपट्टनम में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी है।
समुद्र में उफान बढ़ गया है, जिससे तटीय गांवों में पानी भरने लगा है।
प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।
आंध्र सरकार ने राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाएं, रोशनी और पालतू जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था की है।
ओडिशा के आठ जिलों में 128 रेस्क्यू टीमें तैनात
ओडिशा के आठ जिले — मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगढ़, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल —
चक्रवात के प्रभाव क्षेत्र में हैं।
यहां 128 रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं।
सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रखे गए हैं।
राहत केंद्रों में बिजली, पानी और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
केरल में भारी बारिश से दो की मौत
सोमवार को केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं से दो लोगों की मौत हो गई।
कई जगह पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबर है।
राज्य के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
‘मोन्था’ का मतलब है ‘सुगंधित फूल’
चक्रवात का नाम ‘मोन्था’ थाईलैंड ने दिया है,
जिसका अर्थ थाई भाषा में “सुगंधित फूल” होता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान का असर अगले तीन दिनों तक
केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है।
IMD की चेतावनी
- आंध्र, ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना
- समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की चेतावनी
- हवा की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है
- मछुआरों को अगले 72 घंटे तक समुद्र में न जाने की सलाह
- बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने की आशंका
केंद्र ने राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए
गृह मंत्रालय ने सभी प्रभावित राज्यों को सतर्क रहने और
राहत-बचाव कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।



