तेज़ बारिश और लापरवाही ने बनाया बड़ा हादसा; 20 यात्रियों की जलकर मौत, 19 बच गए
कुर्नूल, आंध्र प्रदेश: 24 अक्टूबर की सुबह NH-44 पर चिन्नातेकुरु गांव के पास हुए भीषण हादसे की जांच में पुलिस ने अहम खुलासा किया है। बस में आग लगने और 20 लोगों की मौत का कारण सिर्फ बस नहीं थी। हादसा उस बाइक सवार की वजह से हुआ, जो नशे में रोड डिवाइडर से टकरा गया और वहीं मर गया। बाइक और मृतक हरिशंकर के पीछे बैठे साथी एरी स्वामी ने पुलिस को हादसे का पूरा विवरण दिया।
घटना की पूरी कहानी
पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार हरिशंकर और एरी स्वामी नशे में थे। रात करीब 2 बजे दोनों लक्ष्मीपुरम गांव से बाइक पर निकले और पहले ढाबे पर खाना खाया। 2:24 बजे किआ कार शोरूम के पास एचपी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरा, जिसका फुटेज वायरल भी हुआ। वीडियो में हरिशंकर लापरवाही से बाइक चलाते नजर आए।
पेट्रोल पंप से कुछ ही देर बाद तेज बारिश के बीच बाइक फिसली। हरिशंकर दाहिनी ओर रोड डिवाइडर से टकरा गया और वहीं उसकी मौत हो गई। पीछे बैठा एरी स्वामी बाइक और मृतक को सड़क से हटाने की कोशिश कर रहा था कि तभी तेज रफ्तार बस आई।
बस बाइक और मृतक हरिशंकर को लगभग 200 मीटर तक घसीटती चली गई। इस दौरान बाइक का फ्यूल टैंक फट गया और आग लग गई। स्वामी ने हादसे के बाद डर के मारे अपने गांव तुग्गली लौटने का फैसला किया।
वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बाइक पर दो व्यक्ति दिखाई दे रहे थे। उनमें से एक बाद में नजर नहीं आता। वीडियो में दिख रहा था कि एक व्यक्ति तेज रफ्तार में बाइक चला रहा है, बैलेंस बिगड़ रहा है, लेकिन फिर किसी तरह बाइक संभालता है। पुलिस ने पुष्टि की है कि यही बाइक सवार हरिशंकर था।
बस में भगदड़ और बचाव
जब आग लगी, बस के ड्राइवर और क्लीनर पैसेंजर डोर से बाहर कूद गए। कुर्नूल SP विक्रांत पाटिल के अनुसार, दोनों ने बाद में बस के निचले हिस्से में सो रहे दूसरे ड्राइवर को जगाया और खिड़कियों के कांच तोड़कर कुछ यात्रियों को बाहर निकलने में मदद की। हालांकि, आग ने बस को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने दोनों को शुक्रवार दोपहर कुर्नूल से हिरासत में लिया। उन्हें तेज गति से गाड़ी चलाने और लापरवाही के मामले में दोषी ठहराया गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि दोनों नशे में थे और दुर्घटना की वजह इसी लापरवाही और नशे को माना जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। एक बाइक की लापरवाही ने 20 लोगों की जान ले ली और कई यात्रियों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।



