नई दिल्ली | दिवाली से ठीक पहले भारतीय रेलवे के करोड़ों यात्रियों को उस वक्त भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जब बुधवार सुबह IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल एप अचानक ठप हो गए। टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में तकनीकी खराबी के कारण हजारों यात्री न तो टिकट बुक कर पाए और न ही अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बना सके।
विशेष रूप से यह समस्या उस समय सामने आई जब तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने ही वाली थी — यानी सुबह 10 बजे एसी क्लास और 11 बजे स्लीपर क्लास के लिए। त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह समय बेहद अहम होता है।
डाउनडिटेक्टर पर 6,000 से अधिक शिकायतें, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
तकनीकी आउटेज की जानकारी सबसे पहले डाउनडिटेक्टर नामक प्लेटफॉर्म पर दर्ज की गई, जहां सुबह 9 बजे से ही शिकायतें आने लगी थीं। 11 बजे तक करीब 6,000 से अधिक यूजर्स ने IRCTC की सेवाओं को लेकर रिपोर्ट दर्ज की।
शिकायतों का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- 49% यूजर्स ने वेबसाइट में समस्या बताई
- 37% को मोबाइल एप में दिक्कत
- 14% को स्टेशन टिकट काउंटर पर परेशानी हुई
IRCTC की सेवाओं के अचानक बंद हो जाने से यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने लिखा कि त्योहार के समय यह तकनीकी फेल्योर ‘अन्यायपूर्ण’ और ‘निराशाजनक’ है।
हर दिन बुक होते हैं 12.5 लाख टिकट, 84% ऑनलाइन
IRCTC भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग सेवा का प्रमुख माध्यम है। हर दिन औसतन 12.5 लाख टिकट बुक होते हैं, जिनमें से 84% टिकट IRCTC के पोर्टल या मोबाइल एप के ज़रिए बुक किए जाते हैं।
ऐसे में प्लेटफॉर्म का डाउन हो जाना न सिर्फ तकनीकी विफलता है, बल्कि यह यात्रियों के भरोसे पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
IRCTC की सफाई: तकनीकी खराबी, सुधार कार्य जारी
IRCTC अधिकारियों ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वेबसाइट और एप में आई दिक्कत तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है और इसे जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, इस बयान में समस्या की सटीक वजह या सेवा बहाल होने का संभावित समय नहीं बताया गया, जिससे यात्रियों की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
दिवाली जैसे अवसर पर आई तकनीकी विफलता अत्यंत गंभीर
दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर जब देशभर के लोग अपने घरों की ओर लौटने की योजना बना रहे हों, तब इस प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी रेलवे के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सवाल यह है कि क्या IRCTC का सिस्टम इतने बड़े ट्रैफिक को संभालने के लिए तैयार है? और अगर नहीं, तो यात्रियों को भरोसे में रखकर योजना बनाने में क्यों चूक हो रही है?



