
स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों से संवाद, स्वदेशी उत्पादों की सराहना
गौतमबुद्धनगर | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा हाट, सेक्टर–33A में आयोजित ‘यूपी ट्रेड शो–स्वदेशी मेला 2025’ में राज्य के एमएसएमई मंत्री श्री राकेश सचान ने गुरुवार को दौरा किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।
स्थानीय प्रतिभा की रचनात्मकता को मिली पहचान
मंत्री जी ने हथकरघा, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण एवं पारंपरिक शिल्प से जुड़े स्टालों का अवलोकन किया और उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा—
“प्रदेश के कारीगरों की सृजनशीलता उत्तर प्रदेश की असली पहचान है। हमारे स्वदेशी उत्पाद अब देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।”
75 जनपदों में स्वदेशी मेले के आयोजन की घोषणा
राकेश सचान जी ने अपने संबोधन में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025’ की सफलता के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘यूपी ट्रेड शो–स्वदेशी मेला’ का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है।
दीपावली पर स्वदेशी खरीदारी की अपील
मंत्री जी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि—
“इस दीपावली, विदेशी सामान की जगह स्थानीय उत्पादों को अपनाएं। इससे न सिर्फ घरेलू उद्योगों को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता को भी नई गति मिलेगी।”
प्रशासनिक उपस्थिति और नागरिकों की सहभागिता
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने मंत्री श्री राकेश सचान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
उपायुक्त उद्योग श्री अनिल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मेला परिसर में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति देखी गई, जिन्होंने विभिन्न स्टालों से खरीदारी की और स्थानीय उत्पादों के प्रति गहरी रुचि दिखाई।
उत्तर प्रदेश में स्वदेशी को मिल रहा है नया आयाम
‘यूपी ट्रेड शो–स्वदेशी मेला 2025’ सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला अभियान है।
यह पहल न केवल स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच भी प्रदान कर रही है।



