राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन और चीनी अधिकारियों से संदिग्ध संपर्क के गंभीर आरोप
वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के गंभीर आरोपों के बीच भारतवंशी रणनीतिक विशेषज्ञ एश्ले टेलिस को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने 64 वर्षीय टेलिस पर अति गोपनीय रक्षा और विदेश विभाग की फाइलें चोरी करने और चीन के सरकारी अधिकारियों के साथ संदिग्ध संपर्क बनाने का आरोप लगाया है।
टेलिस, जो कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में वरिष्ठ फेलो और दक्षिण एशिया नीति के विशेषज्ञ रहे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी 1000 से अधिक गोपनीय दस्तावेज गैरकानूनी रूप से अपने कब्जे में रखे। वर्जीनिया के विएना स्थित उनके आवास की तलाशी के दौरान ये सामग्री बरामद हुई, जिसमें अमेरिकी सैन्य तकनीकों और नीतिगत रणनीतियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी थी।
चीनी अधिकारियों से संदिग्ध मुलाकातें और गोपनीय दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान
एफबीआई की जांच में सामने आया है कि टेलिस ने हाल के वर्षों में कई बार चीनी सरकारी अधिकारियों से गुप्त रूप से मुलाकात की। 15 सितंबर, 2025 को वर्जीनिया के एक रेस्टोरेंट में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहां उन्हें एक मनीला लिफाफा लिए आते देखा गया। इसके अलावा, अप्रैल 2023 में वाशिंगटन डीसी के उपनगरीय इलाके में हुई एक और बातचीत में टेलिस और चीनी अधिकारी ईरान-चीन संबंधों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे रणनीतिक विषयों पर चर्चा करते पाए गए।
अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हॉलिगन ने कहा, “यह मामला अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो टेलिस को दस साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।”
एक विशेषज्ञ की गुमशुदा विश्वसनीयता
मुंबई में जन्मे और शिकागो विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले टेलिस ने 2001 से अमेरिकी सरकार के लिए काम करते हुए भारत और दक्षिण एशिया नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही प्रशासन में वे एक भरोसेमंद सलाहकार रहे। टेलिस के विश्लेषण वाशिंगटन, नई दिल्ली और बीजिंग में उच्च स्तर पर गौर किए जाते थे।
सुरक्षा उल्लंघन के गंभीर पहलू
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, टेलिस ने सितंबर-अक्टूबर 2025 के बीच सरकारी भवनों से गोपनीय दस्तावेज निकाले और उन्हें छुपाया। तलाशी में उनका घर और कार्यालय पूरी तरह से जांचा गया, जहां कई गुप्त फाइलें और दस्तावेज मिले। एफबीआई ने बताया कि टेलिस ने जांच में सहयोग किया और अपनी सुरक्षा मंजूरी वाले उपकरणों को भी खोला।
भारत के बहुध्रुवीय सपनों पर टेलिस की चेतावनी
टेलिस ने हाल ही में फॉरेन अफेयर्स पत्रिका में लिखा था कि भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा उसकी वर्तमान आर्थिक और राजनीतिक क्षमताओं से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा था कि भारत चीन की तुलना में आर्थिक रूप से काफी पीछे है और उसकी आंतरिक राजनीति उसकी वैश्विक स्थिति को कमजोर कर सकती है। उनका विश्लेषण था कि भारत और अमेरिका दोनों के उदार लोकतंत्र बने रहने पर ही वैश्विक शांति सुनिश्चित की जा सकती है।



