रामपुर | समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के कद्दावर नेता आज़म खान से उनके निवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात सीतापुर जेल से आज़म खान की रिहाई के लगभग 23 महीने बाद पहली बार हुई। मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली। आज़म खान ने अखिलेश यादव को गले लगाकर उनका स्वागत किया, जिससे माहौल भावुक हो गया।
सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव को प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के चलते मुरादाबाद से होकर रामपुर जाने की योजना में बदलाव करना पड़ा और उन्होंने सीधे बरेली एयरपोर्ट से रामपुर का रुख किया।
इस मुलाक़ात से पहले आज़म खान ने स्पष्ट कर दिया था कि वह सिर्फ़ अखिलेश यादव से ही मिलेंगे। जब उनसे बसपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी से मिलने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मैं उन्हें नहीं जानता। कोई कार्यक्रम नहीं है। अखिलेश यादव मुझसे मिलेंगे, और मैं सिर्फ़ उनसे ही मिलूंगा।”
इस मुलाक़ात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। बीते दिनों यह अटकलें तेज़ थीं कि आज़म खान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का रुख कर सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों को खारिज करते हुए आज़म खान ने कहा, “हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज़ है। इसका मतलब ये नहीं कि हम किसी पद पर हैं या नहीं, इसका मतलब है कि लोग हमें प्यार और सम्मान देते हैं। हम बिकाऊ नहीं हैं, और हमने ये साबित किया है।”
कानूनी मोर्चे पर राहत
गौरतलब है कि बीते महीने आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से क्वालिटी बार ज़मीन मामले में ज़मानत मिली थी। इसके अलावा, डूंगरपुर कॉलोनी के निवासियों को जबरन बेदखल करने के एक अन्य मामले में भी उन्हें राहत दी गई है। वहीं, एक 17 साल पुराने सड़क जाम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले में आज़म खान को विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने बरी कर दिया है।
आजम खान के खिलाफ़ पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न आपराधिक मामलों में कुल 16 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से कई मामलों में उन्हें न्यायिक राहत मिल चुकी है।



