दो रियल एस्टेट कंपनियों पर सुनियोजित फ्रॉड का आरोप, 11 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
नोएडा | नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक सॉफ्टवेयर कंपनी से 1.62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए दो प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनियों – भूटानी इंफ्रा और CBS इंटरनेशनल – समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने नोएडा सेक्टर-90 स्थित एक व्यावसायिक परियोजना “नोएडा वर्ल्ड वन” में फर्जीवाड़े के जरिए प्रॉपर्टी डील का झांसा दिया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम हड़प ली।
सौदा था 4.02 करोड़ का, निकली फर्जी
शिकायतकर्ता कंपनी NWD सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. ने दिसंबर 2024 में एक ऑफिस स्पेस खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। भूटानी इंफ्रा के प्रतिनिधियों ने उन्हें सेक्टर-90 में “नोएडा वर्ल्ड वन” प्रोजेक्ट की एक यूनिट की पेशकश की। बाद में CBS इंटरनेशनल के अधिकारियों ने सौदे की पुष्टि की और कुल कीमत ₹4.02 करोड़ बताई।
कंपनी ने विश्वास के आधार पर 10 लाख रुपये का चेक अग्रिम भुगतान के रूप में जारी किया और उसके बाद नकद भुगतान भी किया। लेकिन बाद में यह साफ हुआ कि जिस संपत्ति की डील की गई, वह कंपनी की नहीं थी, और सौदा पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी पर आधारित था।
नामजद आरोपी – कौन-कौन शामिल?
थाना सेक्टर-142 में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, जिन 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, वे इस प्रकार हैं:
- प्रेम भूटानी – मालिक, भूटानी इंफ्रा
- संजय रस्तोगी – मालिक, CBS इंटरनेशनल
- गौरव शर्मा
- आदित्य राज सक्सेना
- नमन
- नसीम
- साक्षी
- माधुरी
- राजेश टंडन – एनआरआई व्यवसायी
- अमित
- अनुराधा शर्मा
इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
पहले से दर्ज हैं केस और शिकायतें
शिकायतकर्ता और कंपनी की लीगल प्रमुख साक्षी बुद्धिराजा ने बताया कि भूटानी इंफ्रा और CBS इंटरनेशनल के खिलाफ पहले से भी 10 से अधिक आपराधिक मामले और 7 RERA शिकायतें लंबित हैं।
शिकायत में आरोप है कि इन कंपनियों द्वारा सैकड़ों ग्राहकों को ऐसे ही फर्जी डील्स में फंसाया गया है, और यह एक संगठित नेटवर्क के तहत किया जा रहा घोटाला है।
पुलिस जांच तेज, गिरफ्तारी की संभावना
नोएडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों को नोटिस भेजे जा सकते हैं, और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी जल्द संभव है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
रियल एस्टेट मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों से यह स्पष्ट है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय पूरी कानूनी जांच, RERA रजिस्ट्रेशन, और डील डॉक्युमेंट्स की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
सावधानी बरतें, ये बातें ज़रूर जांचें:
- RERA रजिस्ट्रेशन नंबर
- मालिकाना हक के दस्तावेज
- कंपनी की विश्वसनीयता
- पेमेंट का वैध माध्यम (बैंक/चेक)
- वैध एग्रीमेंट के बिना कोई भुगतान न करें
यह घटना नोएडा के तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती अनियमितताओं और धोखाधड़ी के मामलों की एक और मिसाल है। पीड़ित कंपनी ने न्याय और कार्रवाई की मांग की है, वहीं यह मामला निवेशकों के लिए एक कड़ा सबक भी है।



