बरेली/लखनऊ : बरेली में बवाल के 8 दिन बाद पीड़ितों से मिलने जा रहे सपा के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जाने नहीं दिया गया। दिल्ली से बरेली जा रहे सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन और मोहिबुल्लाह नदवी को गाजियाबाद बॉर्डर पर रोका गया। तीनों सांसद करीब 40 मिनट तक अड़े रहे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें लौटा दिया।
इकरा हसन ने कहा- यूपी में अघोषित इमरजेंसी दिख रही है। कल कोई ‘आई लव महादेव’ या ‘आई लव श्रीराम’ लिखेगा तो किसी को आपत्ति नहीं होगी, तो फिर ‘आई लव मोहम्मद’ में क्या गलत है?
लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को पुलिस ने उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क जब बरेली के लिए निकले, तो इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक उनके सामने खड़े हो गए। काफी देर तक सांसद जाने पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया।
बर्क ने कहा- बरेली में जिनको गिरफ्तार किया गया, उनका क्या दोष है? अगर पुलिस के पास कोई सबूत है कि उन्होंने कोई कानून तोड़ा है, तो वे मीडिया में सबूत पेश क्यों नहीं करते?
फिलहाल, बरेली में आज भी इंटरनेट बंद है। 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ मामले को लेकर जुमे की नमाज के बाद बवाल हुआ था। इस मामले में 81 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
अब तक कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं। 2,500 उपद्रवियों में से 200 को नामजद किया गया है। पुलिस ने दावा किया था कि बरेली में बवाल की साजिश रची गई थी, जिसका मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा है।



