Friday, March 6, 2026
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नोएडा में मॉडलिंग का झांसा देकर महिला से 32 लाख की ठगी

बच्चों के प्रोडक्ट की ब्रांडिंग के नाम पर टेलीग्राम ग्रुप में फंसाया; निवेश कराने के बाद रिटर्न और टैक्स के नाम पर ऐंठे लाखों

नोएडा: बच्चों के कपड़ों और प्रोडक्ट की मॉडलिंग का झांसा देकर नोएडा की एक महिला से साइबर ठगों ने ₹32.17 लाख की ठगी कर डाली। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह फर्जीवाड़ा एक टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश और टैक्स वसूली तक जा पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे रची गई ठगी की पटकथा?

नोएडा के सेक्टर-79 की रहने वाली तबिंदा इमाम नामक महिला, जो एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं और साथ ही मॉडलिंग भी करती हैं, को 19 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया पर बच्चों की मॉडलिंग से जुड़ा एक विज्ञापन नजर आया।

जैसे ही उन्होंने विज्ञापन पर क्लिक किया, उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया गया। वहां बताया गया कि उन्हें बच्चों के कपड़ों और प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग से जुड़ी मॉडलिंग में मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए पहले कुछ निवेश करना होगा।

निवेश और रिटर्न का झांसा

ग्रुप में मौजूद लोगों ने उन्हें एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया और तीन चरणों में निवेश करने को कहा।

  • पहले उन्होंने ₹90,000 दिए
  • फिर 3 चरणों में कुल मिलाकर ₹17.17 लाख ट्रांसफर किए।

उन्हें बताया गया कि यह रकम एक पोर्टल के जरिए बिटकॉइन में निवेश की जा रही है, और जल्द ही उन्हें डबल रिटर्न मिलेगा।

“आपका अकाउंट फ्रीज हो गया है” — अगला झांसा

कुछ दिनों बाद पीड़िता को बताया गया कि उनका पोर्टल अकाउंट फ्रीज हो गया है, और इसे दोबारा एक्टिव कराने के लिए जितनी रकम उन्होंने निवेश की थी, उतनी ही रकम दोबारा जमा करनी होगी।

पीड़िता ने दोबारा ₹15 लाख भेज दिए, जिससे कुल रकम ₹32.17 लाख हो गई।

टैक्स के नाम पर फिर मांगे 12 लाख, तब हुआ शक

इतनी बड़ी रकम भेजने के बाद भी ठगों ने चैन नहीं लिया। इस बार कहा गया कि अकाउंट से पैसे निकालने के लिए उन्हें ₹12.80 लाख टैक्स देना होगा।

यहीं पर महिला को शक हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया गया।

पुलिस जांच शुरू, साइबर ठगों की तलाश में टीमें सक्रिय

पीड़िता ने मामले की शिकायत नोएडा के साइबर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने IPC और IT एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

जांच में यह बात सामने आई है कि पैसा अलग-अलग बैंक खातों और एक फर्जी पोर्टल के जरिए बिटकॉइन जैसे दिखने वाले निवेश में ट्रांसफर कराया गया था।

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