Friday, March 6, 2026
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गाजियाबाद की बेटी बनी महिला थाना की एक दिन की एसएचओ, ‘मिशन शक्ति 5’ के तहत समाजसेवा का संकल्प

गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार के महिला सशक्तिकरण अभियान “मिशन शक्ति 5” के तहत गाजियाबाद में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। इस पहल के अंतर्गत गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, नंदग्राम की कक्षा 11वीं की छात्रा श्रीजा को एक दिन के लिए महिला थाना गाजियाबाद की एसएचओ (थाना प्रभारी) बनाया गया।

सुबह विशेष पुलिस वाहन श्रीजा को स्कूल से लेकर महिला थाने पहुंचा, जहां वर्तमान एसएचओ ऋतु त्यागी ने फूलों के गुलदस्ते और तालियों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद श्रीजा को औपचारिक रूप से एसएचओ की कुर्सी पर बैठाया गया और उन्हें थाना प्रबंधन की जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

थाना में निभाई जिम्मेदारी, जनसुनवाई में भी हुईं शामिल

एक दिन की एसएचओ बनीं श्रीजा ने अपने नए दायित्व को पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया। उन्होंने महिला थाना में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लेकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और यथासंभव समाधान के सुझाव भी दिए।

मीडिया से बात करते हुए श्रीजा ने कहा:

“यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है कि मुझे महिला थाना की एसएचओ बनने का मौका मिला। आज का दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे खास दिनों में से एक है। मैं आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हूं और मेरा सपना है कि मैं एक दिन आईएएस बनकर समाज की सेवा करूं।”

बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

महिला थाना की एसएचओ ऋतु त्यागी ने बताया कि श्रीजा का चयन उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को देखकर किया गया। उन्होंने कहा:

“हमारा उद्देश्य बेटियों को समाज में नेतृत्व की भूमिका के लिए प्रेरित करना है। मिशन शक्ति के अंतर्गत ऐसी प्रतिभाशाली छात्राओं को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है, जो आने वाले समय में देश और समाज का भविष्य संवार सकती हैं।”

मिशन शक्ति – बेटियों को मिले बराबरी का मंच

“मिशन शक्ति” उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनके आत्मबल को बढ़ाना और समाज में उनके प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है।

श्रीजा जैसी छात्राओं को एक दिन की जिम्मेदारी सौंपना केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि यह उस सोच को दर्शाता है जिसमें बेटियां सिर्फ घर की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी भागीदार हैं।

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