Friday, March 6, 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट में ‘पवित्र शुक्रवार’ को बम धमाके की धमकी

जज रूम में बम रखे होने का दावा, पाकिस्तान-तमिलनाडु कनेक्शन की बात, हाई अलर्ट पर राजधानी

नई दिल्ली | देश की राजधानी की सबसे सुरक्षित जगहों में शुमार दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को उस वक्त दहशत में आ गई, जब कोर्ट प्रशासन को ईमेल के ज़रिए बम धमाके की धमकी मिली। मेल में लिखा गया था कि कोर्ट परिसर में तीन बम प्लांट किए गए हैं, जो ‘पवित्र शुक्रवार’ की दोपहर 2 बजे ब्लास्ट होंगे।

धमकी मिलते ही पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया, कार्यवाही रोक दी गई और बम निरोधक दस्ते, दिल्ली पुलिस और डॉग स्क्वॉड हर कोने की तलाशी में जुट गए।

.मेल में क्या लिखा था?

इस धमकी भरे ईमेल की भाषा बेहद आपत्तिजनक, भड़काऊ और साज़िश से भरी हुई थी। मेल के सब्जेक्ट में ही लिखा था:

“पवित्र शुक्रवार विस्फोटों के लिए पाकिस्तान-तमिलनाडु की मिलीभगत”

मेल के भीतर और भी चौंकाने वाले दावे किए गए:

जज रूम और कोर्ट परिसर में तीन बम रखे होने की बात

धमाके का समय: दोपहर की नमाज के बाद

पाकिस्तान की ISI और तमिलनाडु के राजनीतिक नाम सामने लाए गए

DMK नेताओं पर एसिड अटैक की योजना

फर्जी नाम और नंबर के साथ कोड डिफ्यूज करने वाले व्यक्ति का जिक्र

यह धमकी ना केवल कोर्ट पर हमला थी, बल्कि राजनीतिक और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की गहरी साजिश भी लग रही है।

हाईकोर्ट में मचा हड़कंप

  • कोर्ट में मौजूद वकीलों, स्टाफ और आम नागरिकों को तुरंत बाहर निकाला गया
  • जजों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
  • हाईकोर्ट कैंपस को घेरकर तलाशी शुरू की गई
  • अभी तक कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है
  • सुरक्षा बलों का ऑपरेशन लगातार जारी है

ये पहला मामला नहीं — दिल्ली पिछले महीनों से है बम धमकियों के निशाने पर!

हाल की प्रमुख धमकियों की टाइमलाइन:

  • 20 अगस्त: 50 स्कूलों को बम धमकी
  • 18 अगस्त: 32 स्कूलों को ईमेल से धमकी
  • 18 जुलाई: दिल्ली और बेंगलुरु में 80+ स्कूलों को उड़ाने की धमकी
  • 14–17 जुलाई: लगातार 5 दिन दिल्ली के 40+ स्कूल निशाने पर
  • 16 जुलाई: सेंट स्टीफन्स कॉलेज को धमकी — “बम लाइब्रेरी में है”

इनमें से कई धमकियां फर्जी निकलीं, लेकिन उनमें से कुछ के पीछे राजनीतिक उद्देश्यों या मानसिक असंतुलन से ग्रस्त लोग शामिल थे।

दिल्ली पुलिस ने बीते साल बताया था कि कई मेल एग्जाम टालने के लिए छात्रों द्वारा भेजे गए थे।

फिर भी डर असली है, खतरा बना हुआ है

इस तरह की घटनाएं:

  • जनता में भय पैदा करती हैं
  • सुरक्षा एजेंसियों के संसाधन खपत करती हैं
  • और देश की न्यायिक और शैक्षणिक संस्थानों को लक्ष्य बनाती हैं

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेल भेजने वाले की ट्रेसिंग शुरू कर दी है।

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