नोएडा के प्रोसेडियम स्कूल में 6वीं की छात्रा तनिष्का शर्मा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने स्कूल पर लगाए गंभीर आरोप
नोएडा : जहां एक ओर पूरे देश में शिक्षक दिवस का उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं नोएडा के प्रतिष्ठित प्रोसेडियम स्कूल में एक परिवार के लिए यह दिन कभी न भूलने वाला मातम बन गया। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छठी कक्षा की छात्रा तनिष्का शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
क्या हुआ उस दिन?
तनिष्का रोज की तरह स्कूल पहुंची थी, लेकिन उसे क्या पता था कि ये उसका आखिरी दिन होगा…
- दोपहर करीब 2 बजे उसने स्कूल में लंच किया।
- लंच के बाद वह नीचे उतर रही थी, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह सीढ़ियों से गिर गई।
- स्कूल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौत का कारण अब भी रहस्य
नोएडा पुलिस के अनुसार:
- पोस्टमॉर्टम पैनल से कराया गया है, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
- सीसीटीवी फुटेज उस जगह नहीं है जहां घटना हुई, जिससे जांच और मुश्किल हो गई है।
- अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर जांच कर रही
स्कूल क्या कहता है?
स्कूल की प्रिंसिपल मानवता शारदा का दावा है:
“छात्रा का गला बंद हो गया था, हमने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।”
परिजनों के तीखे सवाल और आरोप
शोक में डूबे परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है:
- हादसे के वक्त ज्यादातर स्टाफ शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में व्यस्त था।
- बच्चों की निगरानी सही ढंग से नहीं की जा रही थी।
- समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिली, जिससे बच्ची की जान जा सकती थी।
- घटना के बाद परिजनों को भ्रमित करने वाली जानकारियां दी गईं — कोई कहता गिर गई, कोई कहता तबीयत खराब हुई।
- जिस स्थान पर घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, यह और भी सवाल खड़े करता है।
बड़ा सवाल: स्कूल में सुरक्षा के इंतजाम कहां थे?
- क्या इतने बड़े स्कूल में एमरजेंसी मेडिकल सिस्टम नहीं था?
- हर कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुरक्षा जिम्मेदारी किसकी होती है?
- आज अगर स्कूल ने सतर्कता दिखाई होती, तो क्या तनिष्का जिंदा होती?
आगे क्या?
- पुलिस जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने पर ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
- अगर लापरवाही साबित होती है, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है।
- शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन भी इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते हैं।
अंतिम शब्द: एक मासूम, जिसकी गलती सिर्फ स्कूल आना थी
तनिष्का शर्मा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके सवाल हमारे बीच ज़िंदा हैं:
- क्या हमारे स्कूल बच्चों के लिए वाकई सुरक्षित हैं?
- क्या हर आपात स्थिति के लिए स्कूलों में पर्याप्त तैयारी है?
- क्या स्कूल की ज़िम्मेदारी सिर्फ पढ़ाना है, या बच्चों की जान भी उनके हाथ में है?



