जयपुर : जयपुर में गर्लफ्रेंड की नाराजगी से परेशान प्रॉपर्टी कारोबारी ने सुसाइड कर लिया। डेढ़ महीने से नाराज चल रही प्रेमिका से मिलने के लिए गया था। घर पर बोलकर गया था कि मरने जा रहा हूं। प्रेमिका के घर पहुंचा, काफी देर तक उसके मकान का गेट खटखटाया, लेकिन प्रेमिका ने गेट नहीं खोला, मोबाइल पर फोन करने पर काट दिया।
इससे प्रॉपर्टी कारोबारी परेशान होकर थार गाड़ी में घर लौट गया। पिता ने गाड़ी से उतरने के लिए कहा तो बोला-मैंने जहर खा लिया है। परिजन तुरंत उसे नारायणा हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना बुधवार शाम (3 सितंबर) रामनगरिया थाना क्षेत्र की है। कारोबारी के पिता ने शनिवार को बेटे की गर्लफ्रेंड और उसके परिवार पर सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है।
गर्लफ्रेंड और उसके परिवार पर ब्लैकमेल करने का आरोप
ASI छुट्टन लाल ने बताया- जगतपुरा के विश्वविद्यालय नगर निवासी संजय मीणा (31) पुत्र मोहनलाल अपने माता-पिता और बहन के साथ रहकर प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। 3 सितंबर को जहर खाकर सुसाइड कर लिया था। कारोबारी के पिता मोहनलाल मीणा ने रिपोर्ट में बेटे की गर्लफ्रेंड पर दोस्ती कर झूठे प्रेमजाल में फंसाने और ब्लैकमेल कर रुपए हड़पने का आरोप लगाया है।
पिता का कहना है कि शादी के लिए दोनों परिवार में बात भी पक्की हो गई थी। इसके बाद वो लोग टालमटोल करने लगे। बेटा इस बात से परेशान था।
डेढ़ महीने से गर्लफ्रेंड नहीं कर रही थी बात
पिता की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच की। जिसमें सामने आया कि प्रॉपर्टी कारोबारी पिछले 15 साल से एक लड़की से कॉन्टैक्ट में था। घरवालों के शादी का दबाव बनाने पर करीब 3 साल पहले ही परिवार को गर्लफ्रेंड के बारे में बताया था। लड़की के घरवालों से मिलकर दोनों की शादी करना भी तय हो गया था।
प्रॉपर्टी कारोबारी के पिता का आरोप है कि गर्लफ्रेंड के पिता ने दुकान खरीदने के लिए 20 लाख रुपए की मदद मांगी थी, मदद नहीं करने पर वो शादी के लिए टालमटोल करने लगे। पिछले करीब डेढ़ महीने से उनकी लड़की ने भी बेटे से बातचीत करना बंद कर दिया था। बेटे के कहने पर हमलोग लड़की के परिवार से माफी मांगने गए, लेकिन उन्होंने बेइज्जत कर घर से निकाल दिया था।
सुसाइड से पहले गर्लफ्रेंड के घर गया था
ASI ने बताया- घटना वाले दिन (3 सितंबर) परिवार को बोला कि, मरने जा रहा हूं। इसके बाद थार गाड़ी लेकर निकल गया था। पिता बाइक लेकर उसके पीछे गए। पिता का कहना है कि बेटा थार जीप लेकर सेक्टर-26 प्रताप नगर में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड के घर गया था। गेट खटखटाने और मोबाइल कॉल करने के बाद भी उसकी गर्लफ्रेंड ने बात नहीं की। बेटे ने कॉल कर गेट नहीं खोलने के बारे में बताया था।
इसके बाद उसकी गर्लफ्रेंड के घर गया लेकिन बेटा वहां नहीं मिला। तब रामनगरिया थाने जाकर सूचना दी। पुलिसकर्मियों को साथ लेकर बेटे की तलाश की।
थार में घर लौटा, बोला- जहर खा लिया
बेटा बुधवार (3 सितंबर) रात करीब 9 बजे थार लेकर वापस घर आ गया। घर के बाहर थार खड़ी कर बैठ गया। संजय के घर लौटने का पता चलने पर पुलिसकर्मियों के साथ पिता भी घर पहुंचे।
पिता ने बताया कि बेटे को जीप से नीचे उतरने के लिए कहा लेकिन उसने मना कर दिया। पुलिसकर्मियों के धमकाने पर भी नहीं माना। उसने कहा कि सुसाइड करने के लिए जहर खा लिया है। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल ले जाकर भर्ती करवाया। देर रात करीब 2:30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।



