नोएडा : उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग के नोएडा ऑफिस में अपर आयुक्त के पद पर तैनात एक IAS अफसर संदीप भागिया के खिलाफ विभाग की महिला अधिकारियों ने शोषण, उत्पीड़न और गलत व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारियों की ओर से सीएम योगी से की है। पीड़ित महिला अधिकारियों ने सीएम योगी से आरोपी आईएएस अफसर के खिलाफ जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसी तरह एक पत्र पीएम को भी लिखा गया है।
क्या लिखा है लेटर में
महिलाओं की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ की लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है- ‘हम सभी महिला अधिकारी नोएडा जोन में सचल दल और सेक्टर में कार्यरत हैं। पिछले करीब 4 माह से जब से संदीप भागिया नोएडा जोन में अपर आयुक्त बने हैं। इनके द्वारा शोषण और अमानवीय व्यवहार के साथ-साथ हमारे साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।’
चिट्ठी में आगे कहा गया है, ”संदीप भागिया महिला अधिकारियों के साथ गलत भाषा और अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, ये महिला अधिकारियों को ‘बर्बाद कर दूंगा’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। ये कहते हैं कि यदि मेरी बात नहीं मानोगे तो तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगा और तुम्हारे हाथ में कटौरा देकर नौकरी से निकलवा दूंगा।”

वीडियो बनाते और घूरते है
चिट्ठी में यह भी लिखा है, ”वह महिला अधिकारी को घंटों तक अपने ऑफिस में बैठाकर / खड़ा करके घूरा करते हैं। लगातार धमकी भरे शब्दों को प्रयोग करते हैं। ये रात-रात भर महिला अधिकारियों को फोन करते हैं, वीडियो कॉल करते हैं। ये महिला अधिकारी को छुप-छुप कर घंटों तक घूरते रहते हैं। उनका वीडियो बनाते हैं। यदि किसी अधिकारी द्वारा इनके इस कृत्य का विरोध किया जाता है तो उसे मामले में फंसाकर सस्पेंड करवा देते हैं।
काम में लापरवाही का आरोप
उस पर सूचना लीक / काम में लापरवाही का आरोप लगाकर फंसाते हैं। इनके द्वारा महिला अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।” महिला अधिकारी ने लिखा, एक ओर जहां प्रधानमंत्री जी ‘बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओ अभियान’ द्वारा महिला सशक्तिकरण का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर संदीप भागिया जैसे अधिकारी महिलाओं का शोषण करके हमारे मनोबल और अस्मिता को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
हम सभी महिला अधिकारी इस अधिकारी से बहुत परेशान है। जहां एक ओर पीएम ” बेटी बचाओं-बेटी पढाओं अभियान” द्वारा महिला सक्तीकरण का प्रयास कर रहे है। वहीं दूसरी ओर भागिया जैसे अधिकारी महिलाओं का शोषण करके हमारे मनोबल और अस्मिता को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
स्वतंत्र जांच एजेंसी करें जांच
सभी तथ्यों की गोपनीय रूप जांच से किसी स्वतंत्र जांच एंजेसी/ राज्य महिला आयोग से करवाए तो आपको इनके इस घिनोने कृत्य का पता चलेगा। जांच से महिला अधिकारियों के खिलाफ हो रहे शोषण, अभद्र व्यवहार, अमानवीय भ्रष्टाचार और महिलाओं के प्रति अपराध करने वाले ऐसे संदीप भागिया की सच्चाई से आप स्वयं ही अवगत हो जायेगें। आप की तरफ से न्याय की उम्मीद में हम सभी महिला अधिकारी बहुत साहस करके प्रार्थना कर रहे है।



