Saturday, March 7, 2026
spot_img
Homeअन्तराष्ट्रीयPM मोदी गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन जाएंगे:SCO समिट में...

PM मोदी गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन जाएंगे:SCO समिट में शामिल होंगे; मोदी 11 साल में 5 बार चीन जा चुके हैं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए चीन जाएंगे। यह दौरा 31 अगस्त और 1 सितंबर को होगा। यह 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैन्य झड़प के बाद मोदी की पहली चीन यात्रा होगी।

मोदी इससे पहले 2018 में वहां गए थे। प्रधानमंत्री के तौर पर पीएम मोदी का यह छठा चीन दौरा होगा, जो 70 सालों में किसी भी भारतीय PM की सबसे ज्यादा चीन यात्रा है। इससे पहले पीएम मोदी 30 अगस्त को जापान का दौरा करेंगे। यहां वो भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

पिछले महीने जयशंकर ने चीन का दौरा किया

पिछले महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

जयशंकर ने जल संसाधन डेटा शेयर करने, व्यापार प्रतिबंधों, LAC पर तनाव कम करने और आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने जैसे मुद्दे बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात ने मोदी की चीन यात्रा का रोडमैप तैयार किया था।

आखिरी बार रूस में मिले थे मोदी और जिनपिंग

मोदी और जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2024 में कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुलाकात भी की थी। 50 मिनट की बातचीत में पीएम मोदी ने कहा था कि ‘सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों की नींव बनी रहनी चाहिए।

पीएम मोदी की यह चीन यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब सारी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की टैरिफ नीतियों से जूझ रही है। ट्रम्प ने भारत पर रूसी तेल और हथियार खरीद की वजह से 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।

भारत, चीन के बाद दुनिया में रूसी तेल का सबसे बड़ी खरीदार है। भारत हर दिन रूस से 17.8 लाख बैरल क्रूड ऑयल खरीदता है।

2001 में हुई थी SCO की स्थापना

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके सदस्य बने और 2023 में ईरान भी सदस्य बन गया।

SCO का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। संगठन आतंकवाद, उग्रवाद, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments