जोधपुर: जोधपुर CBI टीम ने बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर के घर पर छापा मारा है। मंगलवार (8 जुलाई) को मैनेजर विवेक कच्छवाहा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, यहां तलाशी के दौरान सीबीआई को बैंक मैनेजर द्वारा दईजर इलाके में जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज भी मिले।
17 फरवरी को ही सीबीआई ने बैंक मैनेजर को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार गई।किया था। बैंक मैनेजर विवेक कच्छवाहा को सीबीआई ने ट्रैप किया। इसके बाद उनके बैंक खातों और लॉकर आदि की तलाशी ली
तलाशी के दौरान लॉकर से ही करीब 70 तोला सोने के आभूषण भी बरामद हुए। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की जांच जारी रही। रिश्वत केस के बाद बैंक प्रबंधन ने विवेक कच्छवाहा को निलंबित कर दिया था।
किसान को 4 लाख रुपए की जरूरत थी
सीबीआई के अनुसार, 15 फरवरी को किसान ढलाराम मेघवाल ने शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया कि उसे खेतीबाड़ी के लिए 4 लाख रुपए की जरूरत थी। इस पर करीब डेढ़ महीने पहले वह अपने भाई खुशालाराम के साथ केसीसी लोन के लिए रायमलवाड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा गया था। वहां मैंनेजर विवेक कच्छवाहा ने दोनों से लोन संबंधी कागजात ले लिए। 6 जनवरी 2025 को विशनाराम और उसका भाई खुशालाराम बैंक गए। बैंक में मैनेजर से लोन के संबंध में बात की।
विजिट के 2500 रुपए ले लिए
शिकायत में बताया कि इसके अगले दिन (7 जनवरी) को मैनेजर विवेक ने विशनाराम के मोबाइल पर कॉल किया। घर विजिट करने के लिए आने की बात कही। इसके बाद मैनेजर विशनाराम के घर पहुंचा। खेत देखने के बाद 2500 रुपए विजिट शुल्क के ले लिए।
साथ ही कहा कि केसीसी लोन (किसान क्रेडिट कार्ड) तो कर दूंगा, लेकिन 5 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 20 हजार रुपए लूंगा। तब विशनाराम ने खुद की गरीबी का हवाला देते हुए काफी मिन्नतें की, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद 8 जनवरी को भी विशनाराम बैंक गया। 500 रुपए जमा करवाकर अकाउंट भी खुलवाया।
लाख पर 5% कमीशन मांगा
शिकायत में बताया कि इसके कई दिनों बाद भी जब उसका केसीसी स्वीकृत नहीं हुआ। तब 13 फरवरी को वह अपने भाई के साथ दोपहर के समय बैंक पहुंचा। वहां शाखा प्रबंधक विवेक कच्छवाहा से मिलकर केसीसी लोन की बात कही। तब भी कच्छवाहा ने 5 प्रतिशत कमीशन देने का वादा करने को कहा। मजबूरी में परिवादी ने उसकी बात को मंजूर किया, तब कहीं जाकर कच्छवाहा ने फाइल पर हस्ताक्षर करवा कर एक-दो दिन में खाते में रुपए आने का भरोसा दिया।
पकड़ने बिगड़ी थी मैनेजर की तबीयत
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, शिकायत का सत्यापन करने के दौरान भी रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर ट्रेप प्लान किया गया। 17 फरवरी को सीबीआई की टीम ने रायमलवाड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के आसपास डेरा डाल लिया। दोपहर करीब 2 के आसपास बैंक मैनेजर विवेक कच्छवाहा ने परिवादी से रिश्वत राशि के 15 हजार रुपए लिए, तो सीबीआई की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। इसी दौरान विवेक की तबीयत बिगड़ गई, तो टीम उसे सरकारी हॉस्पिटल ले गई और उपचार करवाकर वापस बैंक ले आई।



