Saturday, March 7, 2026
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5 लाख घूस लेते एडिशनल डायरेक्टर समेत 2 गिरफ्तार:मेरठ में CGHS डिस्पेंसरी पर CBI की रेड, हॉस्पिटल ग्रुप से मांगे थे 50 लाख

मेरठ : मेरठ में CBI टीम ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के एडिशनल डायरेक्टर और ऑफिस सुपरिंटेंडेंट को 5 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मंगलवार शाम 4 बजे CGHS डिस्पेंसरी पर छापा मारा।

करीब 12 घंटे तक कार्रवाई चली। तड़के 4 बजे तक सीबीआई टीम डिस्पेंसरी में डटी रही। इसके बाद टीम ने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले गई। बुधवार सुबह 11 बजे टीम वापस लौट गई। दोनों अधिकारियों ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल ग्रुप से ₹50 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ डा. अजय कुमार और ऑफिस सुपरिंटेंडेंट लवेश सोलंकी को हिरासत में ले लिया।

हाईफिल्ड स्पेशलिटी हास्पिटल और रोहटा रोड स्थित जेएमसी मेडिसिटी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मालिक विशाल सलोनिया ने CBI से शिकायत की थी। विशाल ने बताया कि 8 जुलाई को सीजीएचएस के एडिशनल डॉयरेक्टर अजय कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेट लवेश सोलंकी जेएमसी मेडिसिटी हॉस्पिटल और हाईफिल्ड स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। दोनों हॉस्पिटलों में कमियां बताकर सीजीएचएस का पैनल निलंबन के लिए अधिकारिक नोटिस जारी कर दिया।

50 लाख रुपए की मांग की बातचीत रिकॉर्ड कर ली

विशाल ने बताया- दोनों अधिकारियों ने सीजीएचएस पैनल बनाए रखने के लिए 50 लाख की मांग की। रुपए नहीं देने पर जेएससी मेडिसिटी हॉस्पिटल का सीजीएचएस पैनल निलंबित कर दिया। फिर मैं सीजीएचएस ऑफिस गया और वहां अजय कुमार और लवेश सोलंकी से मिला।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 50 लाख नहीं दिए तो दूसरे हॉस्पिटल हाईफिल्ड का भी सीजीएचएस पैनल निरस्त कर देंगे। ये पूरी बातचीत मैंने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद 9 अगस्त को CBI के दिल्ली ऑफिस में संपर्क करके शिकायत की।

देर रात तक चलती रही दोनों से इंटेरोगेशन

शिकायत की पुष्टि के बाद CBI गाजियाबाद की टीम मंगलवार शाम करीब 4 बजे सूरजकुंड हंस चौराहे के पास स्थित सीजीएचएस डिस्पेंसरी पर पहुंची। दिल्ली नंबर की दो गाड़ियों में करीब 8 से 10 लोग थे। एडिशनल डायरेक्टर और ओएस को उन्होंने एक कमरे में बैठा लिया और उनसे पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दो बजे चला जाता है डिस्पेंसरी का स्टाफ

सीजीएचएस की सूरजकुंड स्थित जिस डिस्पेंसरी पर सीबीआई ने रेड डाली, वह सुबह 8 बजे खुलकर दोपहर में 2 तक बंद हो जाती है। जब CBI टीम ने रेड डाली उस समय डिस्पेंसरी बंद हो चुकी थी और अधिकांश सभी स्टाफ जा चुका था। इसके बाद गार्ड व कुछ और लोग ही डिस्पेंसरी में शाम तक रुकते हैं।

वहीं हॉस्पिटल के संचालक विशाल सलोनिया ने बताया- मैं एडिशनल डायरेक्टर और ऑफिस सुपरिंटेंडेंट से फोन पर टच में था। उन लोगों ने मुझे शाम 4 बजे ऑफिस बुलाया था। मैं रुपए लेकर पहुंचा तो एडिशनल डायरेक्टर ने मुझे लवेश सोलंकी के पास भेज दिया। और लवेश से बोले- अगर पूरे रुपए यानी 50 लाख रुपए लाए हों तो इनका काम कर दो। मैंने वहां 5 लाख रुपए दिए।

मैंने कहा- अभी इतना रखिए और रुपए की व्यवस्था थोड़ी देर में करता हूं। इतने में सीबीआई की टीम पहुंच गई और दोनों को रंगे हाथ रुपए के साथ पकड़ लिया।

पहले से मिल रही थी डिस्पेंसरी में शिकायतें

सूत्रों की माने तो सीजीएचएस डिस्पेंसरी को लेकर पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थी। पूर्व में यहां एक घोटाला भी पकड़े जाने की चर्चा है। इसी तरह की कार्रवाई दोबारा से सीबीआई की ओर से किया जाना बताया जा रहा है। रात में कुछ और लोग डिस्पेंसरी पहुंचे हैं जिनके हाथ में कुछ बैग भी देखे गए हैं। सभी को मीडिया से दूर रखा गया है।

दोनों परिवारों व रिश्तेदारों में मची खलबली

डॉ. अजय कुमार और लवेश सोलंकी के ट्रैप होने के बाद जब परिजनों को सूचना दी गई तो उनमें खलबली मच गई। दोनों के परिवार के लोगों का पहुंचना वहां सूरजकुंड डिस्पेंसरी पर शुरू हो गया। रात में भी डॉ. अजय के कई रिश्तेदार डिस्पेंसरी पहुंचे लेकिन सीबीआई टीम ने किसी को उनसे मिलने नहीं दिया। घर से खाना मंगाकर खिलाया गया।

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