ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन का कार्य पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता की दिशा में बड़ा कदम
डीपीओ एवं सीडीपीओ स्तर से भी फील्ड विजिट कर कार्य की की जा रही है निगरानी
कार्य में लापरवाही पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर होगी सख्त कार्रवाई: जिला कार्यक्रम अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर: जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशानुसार, सभी आंगनवाड़ी लाभार्थियों का ई-केवाईसी एवं फेस ऑथेंटिकेशन कार्य 30 जून 2025 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। यह कार्य केंद्र सरकार की प्राथमिकता और लक्ष्यों में शामिल है। जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी एवं फेस ऑथेंटिकेशन 30 जून तक पूर्ण नहीं होगा, उन्हें पुष्टाहार वितरण से वंचित कर दिया जाएगा। यह सीधा निर्देश है, जिससे कोई छूट नहीं दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बार-बार निर्देश देने के बावजूद जो भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस कार्य में शिथिलता या लापरवाही बरत रही हैं, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है और उनका मानदेय रोका जा रहा है। यह एक सख्त चेतावनी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की दशा में मानदेय सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
सीडीपीओ और डीपीओ स्तर से लगातार फील्ड विज़िट की जा रही हैं ताकि इस कार्य की निगरानी और प्रगति सुनिश्चित की जा सके। लाभार्थियों के अधिकारों और योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन हेतु यह कार्य समय पर पूरा किया जाना आवश्यक है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती पूनम तिवारी ने कहा “ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन का कार्य पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता की दिशा में एक बड़ा कदम है। हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह 30 जून तक यह कार्य पूर्ण कराए। किसी भी स्तर पर लापरवाही से योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। हम स्वयं फील्ड में जाकर प्रगति की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।”
यह अपील की जाती । है कि सभी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और इस महत्त्वपूर्ण कार्य को समय से पूर्ण करें।



