भारत ने 2036 ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद का नाम इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के सामने पेश किया है। मंगलवार को स्विट्जरलैंड के लॉजान में हुई बैठक में केंद्रीय खेल मंत्रालय, गुजरात सरकार और IOA अध्यक्ष पीटी ऊषा सहित भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने IOC के सामने अपनी बात रखी।
ये मीटिंग ऐसे वक्त में हुई, जब नई इंटरनेशनल ओलिंपिक काउंसिल (IOC) अध्यक्ष कर्स्टी कोवेन्ट्री ने भविष्य के ओलिंपिक होस्ट बिडिंग प्रोसेस पर रोक लगा दी थी। IOC सदस्य चाहते हैं कि मेजबान देश के चुनाव में उनकी भूमिका ज्यादा हो, इसीलिए एक वर्किंग ग्रुप बनाकर नई प्रक्रिया तैयार की जाएगी।
अहमदाबाद को क्यों चुना गया? भारत की तरफ से ओलिंपिक में पहली बार आधिकारिक रूप से किसी शहर का नाम दिया गया है। भारत की ओलिंपिक कमेंटी ने कहा, अहमदाबाद में ओलिंपिक आयोजित करने से 60 करोड़ युवा भारतीयों को पहली बार देश में ओलिंपिक देखने का मौका मिलेगा। साथ ही भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश देते हुए ओलिंपिक को दुनियाभर के लोगों के लिए एक परिवार जैसा अनुभव बनाया जाएगा।
सपने को साकार करने की कोशिश कर रहे: हर्ष संघवी गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, हम IOC के साथ मिलकर इस साझा सपने को साकार करने की कोशिश में हैं। आने वाले महीनों में हम एक मजबूत साझेदार बनने के लिए तैयार हैं।
भारत में ओलिंपिक भव्य आयोजन होगा: पीटी ऊषा IOA अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा, भारत में ओलिंपिक सिर्फ एक भव्य आयोजन नहीं होगा, यह पीढ़ियों तक असर डालने वाला ऐतिहासिक आयोजन होगा।
भारत को किससे मिल रही है चुनौती? 2036 ओलिंपिक की दौड़ में भारत अकेला नहीं है। सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्किये (टर्की) और चिली जैसे देश भी मेजबानी की दौड़ में शामिल हैं।
IOC का नया बदलाव IOC की नई अध्यक्ष ने कहा, IOC के सदस्यों की मांग थी कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया में बड़ी भूमिका दी जाए। इसी वजह से नई मेजबानी नीति पर पुनर्विचार करने के लिए एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा।
अब तक 2 एशियाड, एक कॉमनवेल्थ गेम्स करा चुका है भारत भारत अब तक 3 मल्टी स्पोर्ट्स गेम्स की मेजबानी कर चुका है। देश ने आखिरी बार 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। इससे पहले भारत में 1982 और 1951 के एशियन गेम्स भी कराए जा चुके हैं।



