चंडीगढ़ | हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की संदिग्ध आत्महत्या के मामले ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में सनसनी फैला दी है। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास के बेसमेंट में उनका शव बीते सप्ताह बरामद किया गया। शव सोफे पर पड़ा मिला, पास में पिस्टल थी, और सिर, नाक व मुंह से खून बह रहा था। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन मामला लगातार गहराता जा रहा है।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
सूत्रों के अनुसार, मृतक अधिकारी के पास से एक 9-पृष्ठीय सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने हरियाणा के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। नोट में DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक के पूर्व SP नरेंद्र बिजारणिया समेत अन्य का नाम भी शामिल है।
परिवार का विरोध: पोस्टमार्टम नहीं, पहले गिरफ्तारी हो
आईएएस अधिकारी और मृतक की पत्नी अमनीत पी. कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक DGP कपूर और SP बिजारणिया को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगी। 5 दिन बीत जाने के बाद भी परिवार अपने रुख पर कायम है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मृतक की बड़ी बेटी को डीएसपी पद देने का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन परिवार ने इसे अस्वीकार कर दिया।
SC/ST एक्ट में बदलाव, महापंचायत का ऐलान
चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में पहले लागू SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) को बदलकर अब 3(2)(v) लगा दी है, जिसमें उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। यह संशोधन दबाव में आया, क्योंकि अनुसूचित जाति समाज से जुड़े संगठनों ने इस प्रकरण को गंभीर जातिगत उत्पीड़न बताया।
इसी को लेकर रविवार दोपहर 2 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में समाज की महापंचायत बुलाई गई है। समाज के नेता इसे “सिस्टम द्वारा उत्पीड़न” का मामला बता रहे हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
SC वर्ग से आने वाले दो कैबिनेट मंत्रियों—कृष्ण बेदी और कृष्ण लाल पंवार—ने परिवार से तीन बार मुलाकात की, परंतु कोई हल नहीं निकल पाया। वहीं केंद्र सरकार भी इस मामले की पल-पल जानकारी ले रही है। माना जा रहा है कि केंद्र के निर्देश पर ही SP नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटाया गया है। DGP शत्रुजीत कपूर पर भी जल्द कोई कार्रवाई हो सकती है।
SIT का गठन, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने IGP पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में 6 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है। वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी चंडीगढ़ के DGP और मुख्य सचिव से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।



