Friday, March 6, 2026
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हरियाणा के IG वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामला

8 पन्नों के सुसाइड नोट में बड़े अफसरों पर लगाए संगीन आरोप, IAS पत्नी जापान से लौटीं; आज होगा पोस्टमॉर्टम

चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी IG वाई पूरन कुमार की रहस्यमय आत्महत्या ने पूरे प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।
मंगलवार को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले IG का आज चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

इस बीच, उनकी पत्नी और हरियाणा कैडर की आईएएस अफसर अमनीत पी. कुमार जापान दौरे से लौटकर चंडीगढ़ पहुंच गई हैं।
वे फिलहाल सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पर हैं, जहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।

“सिस्टम से टूटा अफसर” – 8 पन्नों में छलका दर्द

IG पूरन कुमार द्वारा छोड़े गए 8 पन्नों के अंग्रेज़ी सुसाइड नोट ने प्रशासनिक जगत को हिला दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस नोट में उन्होंने 30 से 35 वरिष्ठ IPS अफसरों और कुछ IAS अधिकारियों के नाम लिखे हैं।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि वे जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, ACR (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) में गड़बड़ी,
और अनुचित नोटिसों के जरिए मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे थे।
एक DGP रैंक अधिकारी पर उन्होंने “जानबूझकर परेशान करने” का गंभीर आरोप लगाया है।

इसके साथ ही, IG ने एक वसीयत भी छोड़ी है, जिसमें अपनी संपूर्ण संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी।
वसीयत पर 6 अक्टूबर, जबकि सुसाइड नोट पर 7 अक्टूबर की तारीख दर्ज है

जिससे संकेत मिलता है कि उन्होंने यह कदम काफी सोच-समझकर उठाया।

गोली चलाने से पहले तीन पत्र भेजे

आत्महत्या से कुछ मिनट पहले उन्होंने तीन पत्र भेजे —
एक अपनी पत्नी को और दो अपने करीबी IPS सहयोगियों को।
इसके बाद पत्नी ने उन्हें लगभग 15 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कोई कॉल नहीं उठाई।

सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ मूवी थिएटर में उन्होंने खुद को गोली मारी।
उनका शव सबसे पहले उनकी बेटी अमूल्या ने देखा, जब वह बाजार से लौटकर बेसमेंट में गई।

दो घटनाएं बनीं आत्महत्या की पृष्ठभूमि

  1. गनमैन रिश्वत केस से मानसिक दबाव:
    उनके गनमैन सुशील कुमार पर एक शराब ठेकेदार से ₹2-2.5 लाख मंथली वसूली का आरोप था।
    गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने IG का नाम लिया,
    हालांकि IG को इस मामले में कोई नोटिस या समन जारी नहीं हुआ था।
    बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने उन्हें गहरा धक्का पहुंचाया था।
  2. ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ से असंतोष:
    पूरन कुमार कुछ ही दिन पहले तक रोहतक रेंज IG थे और भिवानी की शिक्षिका मनीषा डेथ केस की जांच भी उनके पास थी।
    29 सितंबर को अचानक उन्हें पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया (रोहतक) में भेज दिया गया —
    जिसे विभाग में “पनिशमेंट पोस्टिंग” माना जाता है।
    उन्होंने नई तैनाती स्वीकार नहीं की थी और 7 अक्टूबर तक छुट्टी पर थे।

    घटना वाले दिन की सुबह: रसोइए का बयान
    रसोइए प्रेम सिंह ने बताया —

    “मंगलवार सुबह करीब 10 बजे साहब ने कहा कि वे नीचे बेसमेंट में कुछ जरूरी काम करने जा रहे हैं।
    किसी को नीचे मत आने देना। आज वे अपने डॉग को भी घुमाने नहीं जाएंगे।”
    थोड़ी देर बाद उनकी बेटी अमूल्या ने रसोइए को फोन कर कहा कि
    “पापा फोन नहीं उठा रहे, जाकर देखो।”
    जब अमूल्या घर पहुंची और बेसमेंट में गई,
    तो साउंडप्रूफ कमरे में सोफे पर बैठे पिता की कनपटी से खून बह रहा था।
    उसने तुरंत अपने मामा अमित रतन (AAP विधायक, बठिंडा ग्रामीण) को फोन पर सूचना दी।

पुलिस जांच जारी, सुसाइड नोट के पन्ने सील

चंडीगढ़ पुलिस ने मौके से रिवॉल्वर, सुसाइड नोट और वसीयत जब्त कर ली है।
अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम हैं,
उनकी भूमिका की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई जा सकती है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
IG पूरन कुमार की आत्महत्या ने एक बार फिर प्रशासनिक दबाव, जातिगत राजनीति और ट्रांसफर कल्चर जैसे संवेदनशील सवालों को सामने ला दिया है।

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