Saturday, March 7, 2026
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हनुमान चालीसा के पाठ के साथ डॉक्टरों ने जताया विरोध, 15 सितंबर से OPD का बहिष्कार तय!

जयपुर। राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में लेटरल एंट्री के खिलाफ डॉक्टरों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में आज डॉक्टर्स ने विरोध के एक अलग अंदाज़ में हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार को चेतावनी दी — “धैर्य की परीक्षा मत लो!”

विरोध का नया तरीका: अध्यात्म से आंदोलन की ओर

राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMC Teachers Association) के बैनर तले, ग्रुप-1 के डॉक्टर्स (टीचिंग फैकल्टी) ने लेटरल एंट्री के ज़रिए ग्रुप-2 के डॉक्टर्स को सीधे एसोसिएट प्रोफेसर बनाने के निर्णय पर कड़ा ऐतराज़ जताया।
एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. धीरज जैफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“अगर कोई डॉक्टर RPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षा पास कर पद पर आता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन बिना परीक्षा, बिना अनुभव के सीधी नियुक्ति पूरी प्रणाली का अपमान है!”

आंदोलन की घोषणा:

डॉक्टरों ने एक राय बनाकर ऐलान किया है कि:

15 सितंबर (सोमवार) से
हर दिन 2 घंटे तक OPD सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।

हालांकि, इमरजेंसी, इनडोर और ऑपरेशन थिएटर जैसी जरूरी सेवाएं पूर्ववत चालू रहेंगी।

अंतिम चेतावनी:

डॉक्टरों ने कहा है कि अगर चिकित्सा शिक्षा विभाग और सरकार ने जल्द वार्ता शुरू नहीं की, तो सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी मेंबर्स सामूहिक इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे।

द्दे की जड़ क्या है?

राज्य सरकार ने हाल ही में एक प्रस्ताव रखा है जिसमें ग्रुप-2 के डॉक्टर्स को सीधे एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया जा सकता है — जिससे वर्षों से सेवा दे रहे ग्रुप-1 के डॉक्टर्स में भारी नाराज़गी है। उनका कहना है कि यह फैसला मेहनत, अनुभव और योग्यता की अनदेखी है।

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