पटना : बुधवार को पटना के गर्दनीबाग इलाके के आमला टोला कन्या विद्यालय के बाथरूम में 5वीं की छात्रा की जलकर मौत हो गई। गुरुवार को इसे लेकर हंगामा शुरू हो गया है। मृतका के परिजनों ने चितकोहरा गोलंबर में सड़क जाम कर दिया है।
इस दौरान आने-जाने वाले लोगों को रोका जा रहा है। परिजन सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं। भीड़ में से किसी उपद्रवी ने पत्थर फेंका, जिससे गर्दनीबाग थाने के हवलदार रंजीत कुमार घायल हो गए हैं।
मां बोली- मेरी बेटी की हत्या हुई है
बच्ची की मां ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- ‘स्कूल के शिक्षकों की बदमाशी है। उन्होंने ही मेरी बच्ची की जलाकर हत्या की है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मेरी बच्ची ने बताया भी है कि उसके ऊपर किसी दूसरे ने केरोसिन उसे डालकर जलाया है। किसने जलाया वो ये नहीं बता सकी।’
बहन से बताया, ”मेरी बहन को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। सुबह हंसते-खेलते स्कूल गई। एक हफ्ते पहले उसने स्कूल के शिक्षक अनिल के बारे में मुझसे बातचीत की थी।”
”जोया ने बताया था- एक सर ने किसी लड़की का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। इसके बाद हमको डराया था कि अगर अपने परिजनों को बताया तो TC देकर स्कूल से बाहर कर दिया जाएगा।”
मृतका के परिजनों के मुताबिक, ‘जोया रोज की तरह बुधवार की सुबह अपने घर इमारत विला से स्कूल के लिए निकली थी। स्कूल पहुंचने के बाद प्रार्थना में शामिल हुई, कब शौचालय के लिए गई, किसी ने नहीं देखा।’
वहीं चश्मदीदों की माने तो जिस वक्त बच्ची बाथरूम से निकाली गई, वो जिंदा थी, लेकिन बेसुध हो गई थी। बस कराह रही थी। मौके से एक बोतल भी मिला है, जिसमें केरोसिन भरा था।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल के एक टीचर ने ही उसकी हत्या की है। हालांकि, पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।
दो थ्योरी गढ़ी जा रही है
इस मामले में शिक्षक और परिजन की ओर से दो थ्योरी गढ़ी जा रही है। पहली थ्योरी स्कूल के कर्मियों की है। उनके मुताबिक, बच्ची बैग में पानी की बोतल में केरोसिन तेल छिपाकर लाई थी। प्रार्थना के बाद सीधे पानी भरने के बहाने बोतल बाथरूम की ओर लेकर गई।
शौचालय में घुसकर खुद को आग के हवाले कर दिया। आग लगाने के बाद उसने गेट खोलकर बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन गेट खोलने के बाद बेसुध हो गई और गिर पड़ी।
वहीं परिजनों का कहना है कि बच्ची स्कूल के शिक्षकों का राज जान गई थी। ये राज किसी के सामने नहीं आए। इसलिए उसे शौचालय में तेल डालकर जला दिया गया। जिसमें उसकी मौत हो गई।



