नई दिल्ली | भारतीय बाजार में सोमवार को सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,029 की बढ़त के साथ ₹1,10,540 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है। वहीं, चांदी ₹1,198 उछलकर ₹1,28,989 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल
- सोना: 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोने की कीमत ₹76,162 थी, जो अब ₹1,10,540 हो गई है। यानी अब तक ₹34,378 की बढ़त।
- चांदी: इसी अवधि में 1 किलो चांदी ₹86,017 से बढ़कर ₹1,28,989 पर पहुंच गई है। यानी ₹42,972 की तेजी।
कीमतों में तेजी के पीछे ये 5 बड़े कारण हैं
- वैश्विक अस्थिरता और ट्रेड वॉर
- अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और वैश्विक राजनीतिक तनावों के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने को चुन रहे हैं।
- केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी
- चीन, रूस जैसे देशों द्वारा बड़ी मात्रा में सोने की खरीद से अंतरराष्ट्रीय मांग में बढ़ोतरी हुई है।
- युद्ध की आशंकाएं
- रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान न निकलने से बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे लोग सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- कम ब्याज दरें और बढ़ती महंगाई
- महंगाई दर बढ़ रही है जबकि ब्याज दरें स्थिर हैं, जिससे सोना निवेश के लिए बेहतर विकल्प बन गया है।
- रुपया कमजोर, डॉलर मजबूत
- डॉलर की तुलना में रुपया कमजोर हो रहा है, जिससे आयातित सोना महंगा होता जा रहा है।
सोना खरीदते समय ध्यान देने योग्य 2 जरूरी बातें
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
- एक अप्रैल 2025 से बिना 6 अंकों के अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क (HUID) वाला सोना बेचना अवैध है।
- उदाहरण: HUID कोड “AZ4524” — इससे सोने की शुद्धता और स्रोत की पुष्टि की जा सकती है।
वजन और कीमत की क्रॉस चेकिंग जरूर करें
- सोने की कीमत रोज बदलती है, और यह कैरेट के अनुसार अलग-अलग होती है:
- 24 कैरेट: सबसे शुद्ध (ज्वेलरी नहीं बनती)
- 22 कैरेट: ज्वेलरी के लिए सबसे प्रचलित
- 18 कैरेट: डिजाइनर और हल्की ज्वेलरी के लिए
- खरीद से पहले IBJA की वेबसाइट या विश्वसनीय सोर्स से रेट और वजन की जांच अवश्य करें।
क्या निवेश के लिए ये सही समय है?
विशेषज्ञों की राय में मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां सोने और चांदी को एक मजबूत सुरक्षित निवेश विकल्प बना रही हैं। हालांकि, आपको निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- लंबी अवधि का नजरिया रखें
- पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करें (सिर्फ सोने पर निर्भर न रहें)
- गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड या सोवरिन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे विकल्पों पर भी विचार करें



