Friday, March 6, 2026
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सोना ₹1.21 लाख के पार, चांदी ₹1.50 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर वापसी ने बढ़ाई कीमतें

नई दिल्ली | भारत में सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। त्योहारों के मौसम से पहले जहां सोने की चमक अपने शिखर पर है, वहीं चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोमवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,21,799 तक पहुंच गई — जो अब तक का सर्वकालिक उच्चतम स्तर है। इसी प्रकार, चांदी ₹1,50,783 प्रति किलो पर पहुंचकर नए कीर्तिमान पर है।


2025 में अब तक कितना बढ़ा सोना-चांदी?

धातु31 दिसंबर 2024 की कीमतवर्तमान कीमत (8 अक्टूबर 2025)कुल बढ़त
सोना (24 कैरेट, 10 ग्राम)₹76,162₹1,21,799₹45,637
चांदी (1 किलो)₹86,017₹1,50,783₹64,766

यानि इस साल सोना 60% और चांदी 75% से अधिक महंगी हो चुकी है।


सोना ₹1.55 लाख तक जा सकता है – गोल्डमैन सैक्स

गोल्डमैन सैक्स की ताज़ा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है। मौजूदा डॉलर-रुपया विनिमय दर के अनुसार, यह ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक हो सकता है।

ब्रोकरेज फर्म PL Capital के डायरेक्टर संदीप रायचुरा का मानना है कि अगले 12 महीनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत ₹1,44,000 तक पहुंच सकती है, अगर मौजूदा वैश्विक रुझान बने रहे।

सोने-चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? — 4 बड़े कारण

केंद्रीय बैंकों की बड़ी खरीदारी

दुनिया के कई केंद्रीय बैंक, खासकर चीन और रूस, डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए सोने का भंडारण बढ़ा रहे हैं।
प्रभाव: बाज़ार में मांग बनी रहती है, कीमतें बढ़ती हैं।

अमेरिका की नीति अस्थिरता (‘ट्रंप फैक्टर’)

अमेरिका में चुनावों और ट्रंप की संभावित वापसी ने आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
प्रभाव: निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने को चुनते हैं।

क्रिप्टो और शेयर बाजार से मोहभंग

क्रिप्टोकरेंसी में भारी उतार-चढ़ाव और नियामकीय सख्ती ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
प्रभाव: सोना एक स्थायी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरा।

दीर्घकालिक सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोना

सोना नष्ट नहीं होता, सीमित मात्रा में उपलब्ध है, और मुद्रास्फीति में भी अपनी कीमत बरकरार रखता है।
प्रभाव: दीर्घकालिक निवेशक इसे प्राथमिकता दे रहे हैं।

सोना खरीदते समय रखें ये 2 जरूरी सावधानियां

1. केवल BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड ही खरीदें

अब भारत सरकार के नियमों के अनुसार केवल 6 अंकों वाले HUID कोड वाला सोना ही वैध है।
उदाहरण: AZ4524
इससे सोने की शुद्धता (कैरेट) और असली होने की पुष्टि होती है।

2. कीमत की जांच और कैरेट का गणित समझें

हर दिन सोने के दाम बदलते हैं। खरीदने से पहले IBJA वेबसाइट या रजिस्टर्ड ज्वेलर्स से पुष्टि करें।

कैसे जानें 18 कैरेट ज्वेलरी की सही कीमत?

उदाहरण:
यदि 24 कैरेट सोने का दाम ₹60,000 प्रति 10 ग्राम है
⇒ 1 ग्राम = ₹6,000
⇒ 1 कैरेट = ₹6,000 ÷ 24 = ₹250
⇒ 18 कैरेट = ₹250 × 18 = ₹4,500 प्रति ग्राम

अगर आपकी ज्वेलरी 10 ग्राम की है और 18 कैरेट की है:
कुल मूल्य = ₹4,500 × 10 = ₹45,000 (मात्र धातु की कीमत)

इसके अलावा मेकिंग चार्ज और GST अलग से जुड़ेंगे।

निवेश का सही समय या नहीं? विशेषज्ञों की राय

अधिकतर निवेश विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आपका नजरिया 3-5 साल का है, तो यह सोने में निवेश का अच्छा समय है।
हालांकि, गहनों की खरीदारी के लिए थोड़ी सावधानी जरूरी है, क्योंकि अत्यधिक कीमतों पर खरीद भविष्य में नुकसानदेह हो सकती है।

सोना चमक रहा है, लेकिन आंख मूंदकर न खरीदें”

इस समय सोने में तेज़ी की कई वजहें हैं – अंतरराष्ट्रीय नीतिगत बदलाव, आर्थिक अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की तलाश। लेकिन, यह भी सच है कि कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं।

इसलिए:
खरीदारी सोच-समझकर करें
हॉलमार्क ज़रूर देखें
कीमत की पुष्टि करें
निवेश के मकसद से खरीदें तो दीर्घकालिक नजरिया रखें

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