अब तक 2025 में सोना ₹33,000 और चांदी ₹42,000 तक महंगी हो चुकी; इस साल ₹1.12 लाख तक जा सकता है सोना
नई दिल्ली | भारत में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 6 सितंबर से 13 सितंबर के बीच 24 कैरेट सोना ₹3,369 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ, जबकि चांदी ₹4,838 प्रति किलो बढ़ी।
इस हफ्ते के भाव (IBJA के अनुसार):
| धातु | 6 सितंबर का भाव | 13 सितंबर का भाव | हफ्ते की बढ़त |
|---|---|---|---|
| सोना (10 ग्राम) | ₹1,06,338 | ₹1,09,707 | ₹3,369 |
| चांदी (1 किलो) | ₹1,23,170 | ₹1,28,008 | ₹4,838 |
प्रमुख महानगरों में सोने के दाम (13 सितंबर, प्रति 10 ग्राम):
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,11,300 | ₹1,02,050 |
| मुंबई | ₹1,11,170 | ₹1,01,900 |
| कोलकाता | ₹1,11,170 | ₹1,01,900 |
| चेन्नई | ₹1,11,710 | ₹1,02,200 |
| भोपाल | ₹1,11,200 | ₹1,01,950 |
2025 में अब तक की बढ़त:
सोना:
- 31 दिसंबर 2024 को भाव था ₹76,162 / 10 ग्राम
- अब है ₹1,09,707 / 10 ग्राम
- बढ़त: ₹33,545 (करीब 44%)
चांदी:
- 31 दिसंबर 2024 को भाव था ₹86,017 / किलो
- अब है ₹1,28,008 / किलो
- बढ़त: ₹41,991 (करीब 49%)
आख़िर क्यों तेज़ी में है सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में उछाल के पीछे घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक और भू-राजनीतिक कारण मुख्य भूमिका निभा रहे हैं:
- वैश्विक अनिश्चितता:
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और ट्रम्प की नई टैरिफ नीति से निवेशक सोने को ‘सेफ हेवन’ के रूप में चुन रहे हैं। - केंद्रीय बैंकों की खरीदारी:
चीन, रूस और अन्य देशों द्वारा लगातार की जा रही सरकारी स्तर पर सोने की खरीद से मांग में तेज़ उछाल आया है। - युद्ध और तनाव:
रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता से सोने में निवेश एक सुरक्षित विकल्प बन गया है। - मुद्रास्फीति और ब्याज दरें:
वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और फेडरल रिजर्व जैसी संस्थाओं द्वारा ब्याज दरों में नरमी से सोना आकर्षक बना है। - रुपया कमजोर, डॉलर मजबूत:
रुपये की गिरावट के कारण भारत में आयातित सोना महंगा होता जा रहा है।
.क्या आने वाले समय में और बढ़ेगा सोना?
विश्लेषकों की राय:
“जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते 2025 के अंत तक सोने के दाम ₹1.12 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं।
वहीं, चांदी ₹1.30 लाख प्रति किलो का स्तर छू सकती है।”
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इस समय निवेश करते हुए लंबी अवधि की रणनीति और बाजार की समझ ज़रूरी है।
निवेशकों के लिए सलाह:
सोना दीर्घकालिक निवेश के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन बाजार में स्थिरता आने पर रिटर्न अच्छा मिल सकता है।
अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें — सिर्फ सोने पर निर्भर न रहें।
जरूरी जानकारी:
- सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क देखें
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निवेश से पहले प्रमाणीकरण की जांच करें
- ई-गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं



