गौतमबुद्ध नगर : जनपद प्रभारी विधिक माप विज्ञान गौतम बुद्ध नगर राम अवध यादव ने बताया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं (Digital Transformation of Legal Metrology) के दृष्टिगत विभाग की सेवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए अधिक पारदर्शी एवं इनके कुशलतापूर्वक प्रभावी क्रियान्वयन तथा कारोबार में सुगमता (Ease of Doing Business) व प्रभावी रूप से लागू किये जाने हेतु विधिक माप विज्ञान विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा अपने कुशल निर्देशन में संपन्न कराये जा रहे नवाचारों से जहां एक तरफ विभागीय कार्यों/प्रक्रियाओं में सरलीकरण, प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं दूसरी तरफ व्यापार में सुगमता आयेगी। विभाग के द्वारा उठाये गये इन प्रभावी कदमों से व्यापारियों के समय एवं संसाधन में बचत होगी एवं उपभोक्ताओं के व्यापक हितों का संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि विभाग की बिंदुवार सेवाओं को प्रदेश के समस्त व्यापारियों हेतु ऑनलाइन किया गया है-
● विभाग द्वारा सभी प्रकार के लाइसेंस यथा मरम्मतकर्ता, विक्रेता व विनिर्माता का निर्गमन जोकि पूर्व में पूर्णतया ऑफलाइन था को ऑनलाइन करते हुए विभागीय पोर्टल https://legalmetrology-up.gov.in/ metrology/ एवं NIVESH MITRA वेबसाइट के इण्टीग्रेशन के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान किया जा रहा है जिससे की प्रयोगकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रही।
● पेट्रोल/डीजल/सीएनजी/एलपीजी पम्पों, फ्लो मीटर एवं ऑटो टैक्सी फेयर मीटर का सत्यापन मुद्रांकन/ पुर्नसत्यापन मुद्रांकन से संबधित सेवायें विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदान की जा रही है जिससे कि प्रयोगकर्ता व्यापारियों को उनके द्वारा प्रयुक्त किये जाने वाले तौल उपकरणों के सत्यापन-मुद्रांकन हेतु कार्यालय से बार-बार अनावश्यक रूप से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं रही। वर्तमान में ऑनलाइन उपकरणों के सत्यापन प्रमाण पत्र मौके पर ही निर्गत किये जा रहे हैं जोकि प्रयोक्ता के लॉगिन पर डिजिटल फार्म में उपलब्ध है।
● ऐसे तौल उपकरणों जिनका यथा स्थान पर सत्यापन किया जाता है एवं ऐसे तौल उपकरणों जिनका विधिक माप विज्ञान विभाग के कार्यालयों/शिविर में सत्यापन मुद्रांकन/पुर्नसत्यापन मुद्रांकन किया जाता है, को व्यापारी द्वारा सीधे पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेगा तदोपरांत विधिक माप विज्ञान अधिकारी द्वारा तौल उपकरणों के सत्यापन की तिथि एवं समय की सूचना उसे एस.एम.एस. के माध्यम से प्राप्त होगी। जिससे कि प्रयोक्ताओं को अनावश्यक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
● पूर्व में प्रयोक्ताओं द्वारा सत्यापित कराये गये तौल उपकरणों की वैद्यता की समाप्ति से 15 दिन पूर्व पोर्टल के माध्यम से पुनर्सत्यापन हेतु एस.एम.एस. प्रेषित किया जाता है जिससे की प्रयोक्ता को समय से सत्यापन न कराये जाने पर पड़ने वाले विलम्ब शुल्क से छुटकारा मिलेगा।
● यदि किसी व्यापारी/फर्म के व्यापारिक परिसर में प्रयुक्त तौल उपकरणों में किसी भी प्रकार की मरम्मत की आवश्यकता नहीं है तो उक्त व्यापारी/फर्म स्वामी सीधे विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सत्यापन मुद्रांकन/ पुर्नसत्यापन मुद्रांकन कार्य करा सकते हैं जिससे कि उन्हें अनावश्यक पड़ने वाले अतिरिक्त व्यय भार का वहन नहीं करना पड़ेगा।
● व्यापारी/फर्म के व्यापारिक परिसर में प्रयुक्त तौल उपकरण यदि मरम्मत योग्य है तो विधिक माप विज्ञान विभाग से अधिकृत मरम्मतकर्ता से मरम्मत कराकर स्वयं सीधे विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सत्यापन मुद्रांकन/ पुर्नसत्यापन मुद्रांकन कार्य करा सकते हैं जिस पर उसे उस क्षेत्र में उपलब्ध कार्यकुशल मरम्मतकर्ताओं की सूची एवं उनकी कार्यशाला का पता आदि सहजता से उपलब्ध होगा।
● किसी भी प्रकार की समस्या/सुझाव हेतु स्थानीय विधिक माप विज्ञान विभाग के कार्यालय के अतिरिक्त विभाग के नियंत्रक कार्यालय पर हैल्पडैस्क (05223536323) का संचालन किया जा रहा है जिस पर वाट्सएप के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है। उक्त के अतिरिक्त विभागीय ऑनलाइन पोर्टल के प्रयोग में होने वाली असुविधा आदि पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
● ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा देने एवं प्रयोक्ताओं द्वारा उक्त को आत्मसात् करने हेतु नियमित रूप से ऑफलाइन एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं जोकि सभी जनमानस के लिए सहजता से उपलब्ध है।
● विभाग द्वारा विभागीय मदों को राजकोष से इण्टीग्रेट करते हुए ऑनलाइन माध्यम से सत्यापन, शमन आदि शुल्कों को जमा करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई जिससे प्रयोक्ताओं एवं व्यापारियों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।
● ऑनलाइन शुल्क जमा किये जाने की व्यवस्था के फलस्वरूप न्यूनतम ह्यूमन इंटरफेरेंस को बढ़ावा मिला एवं कार्यालयों में कैश हैंडलिंग को न्यूनीकृत किया गया।
● विभाग द्वारा विभागीय प्रवर्तन अधिकारियों के कार्यों को गतिशीलता प्रदान करने के दृष्टिगत उन्हें सी.यू.जी. मोबाइल कनेक्शन, लैपटॉप एवं कार्यालयों में निर्बाध इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराये गये ताकि वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप विभागीय अधिकारी आधुनिकीकृत प्रणाली से लैस रहें जिससे कि प्रयोक्ताओं एवं व्यापारियों के तौल उपकरणों का सत्यापन-मुद्रांकन कर मौके पर ही सत्यापन-प्रमाण पत्र निर्गत किये जा सके एवं विभाग द्वारा नियमित मासिक रूप से की जाने वाली भौतिक समीक्षा बैठकों के स्थान पर ऑनलाइन समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही है जिससे कि प्रवर्तन अधिकारियों को जनहित में कार्य करने का अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हो।
● प्रवर्तन कार्य को पारदर्शी बनाने के दृष्टिगत रियल टाइम लोकेशन युक्त फोटोग्राफ को अनिवार्य किया गया।
● लाइसेंसों की प्रक्रिया को पूर्णतया ऑनलाइन किया गया, उक्त के साथ-साथ इनके होने वाले वार्षिक रिन्यूवल को ऑटोमेशन मोड में डालकर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण रूप से सुगम एवं सरल किया गया।
● ऐसे तौल उपकरणों जिनका यथा स्थान सत्यापन और मुद्रांकन किया जाना है, के लिए दिनांक 01.09.2025 से शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रणाली अपनाया जाना अनिवार्य किया गया है।
विधिक माप विज्ञान विभाग उत्तर प्रदेश की सेवाएं व्यापारियों हेतु हुईं ऑनलाइन
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