लखनऊ : लखनऊ में पल्लवी पटेल ने करीब 500 महिलाओं के साथ विरोध मार्च निकाला। उनकी पार्टी अपना दल (कमेरावादी) ने इस मार्च को दूसरी आजादी का प्रथम क्रांति दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। पल्लवी पटेल ने हाथ में तख्ती लेकर नारे लगाते हुए मार्च की अगुआई की। पार्टी का दावा है कि उनके साथ प्रदेशभर से महिलाएं इस मार्च में शामिल हुई हैं।
बापू भवन तक निकाले जा रहे मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बीच रास्ते में रोक दिया। उसके बाद पल्लवी पटेल को महिलाओं सहित बस में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान पल्लवी पटेल ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि इस प्रदेश में न कन्याएं सुरक्षित हैं, न ही महिलाएं। आज वे अपनी दहलीज को पार कर अपनी बात रखने के लिए लखनऊ तक आई हैं।
पल्लवी बोलीं- अभी तो यह अंगड़ाई है…
पल्लवी पटेल ने कहा कि सरकार जातिगत जनगणना का समय दे कि वह कब जातिगत जनगणना कराएगी। ताकि महिलाओं को अधिकार भी मिल सके। मैंने पहले भी कहा है मैं अभी कह रही हूं कि अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है। आज महिलाएं अपने घरों से निकलकर सड़क तक आई हैं सिर्फ अपने अधिकार के लिए। हम उनके अधिकार के लिए हमेशा ही सड़क पर खड़े रहेंगे।
महिलाएं अपने बच्चों की शिक्षा-रोजगार के लिए आवाज उठाती रहेंगी
पल्लवी पटेल ने कहा- सोनेलाल पटेल ने कमेरों, किसानों, वंचितों के हक की लड़ाई लड़ी। उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई। उसके बाद से उनके इंतकाल दिवस पर लगातार पूरा समाज दूसरी आजादी के प्रथम क्रांति दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। महिलाएं अपनी सुरक्षा, अपने घर की सुरक्षा, अपने बच्चों की शिक्षा, उनके रोजगार और अपनी रसोई के लिए आवाज उठाती रहेंगी। पुलिस हमें यहां से हटाकर अपना काम कर रही है। हम प्रदर्शन कर अपना काम करते रहेंगे।



