बड़ा इमामबाड़ा से छोटा इमामबाड़ा तक निकलेगा जुलूस, हाथी और ऊंट होंगे शामिल
लखनऊ: लखनऊ में मोहर्रम का चांद नजर आने के बाद जुलूस, मजलिस और मातम का दौर शुरू हो गया। आज शाही जरी का जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस बड़े इमामबाड़े से शुरू होकर जो छोटे इमामबाड़े तक जाएगा। जुलूस में हाथी, ऊंट, घोड़े भी शामिल होते है । बड़ी संख्या में लोग हाथ में विभिन्न रंग का झंडा लेकर चलते हैं। इस जुलूस को अवध की इतिहास से जोड़कर देखा जाता है। इसका एक धार्मिक महत्व है।
शाही जरी के जुलूस के संबंध में जानकारी देते हुए लखनऊ के नवाब मसूद अब्दुल्लाह ने बताया कि मोम से तैयार किया गया खास शाही जरी जुलूस में आकर्षण का केंद्र है। इसे बैंड-बाजा और शाही धुन पर ले जाया जा जाता है। यह 185 साल पुरानी परंपरा है। इसी जुलूस से हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया में मोहर्रम के शुरू होने का संदेश जाता है। इस जुलूस की तैयारी कई सप्ताह पहले शुरू कर दी जाती है। जुलूस में शामिल अकीदत मंद या हुसैन की सदा बुलंद करते हुए चलते हैं। इमाम हुसैन की याद में मर्सिया पढ़ा जाता और नोहा ख्वानी की जाती है।
जुलूस में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। आलाधिकारि लगातार छोटा इमामबाड़ा और बड़ा इमामबाड़ा समेत पुराने लखनऊ का गश्त कर रहे हैं। जुलूस को ध्यान में रखते हुए रूमी गेट के दोनों तरफ से स्टोन के पिलर हटा दिए गए। यह जुलूस हुसैनाबाद ट्रस्ट की निगरानी में निकलता है। जुलूस के साथ नवाब के परिवार के लोग, आला अधिकारी, पुलिस, पीएससी, आर. आर.एफ और एसएसबी के जवान चलते हैं।



