Friday, March 6, 2026
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रेड के बाद साठे बोले- हमारा गुरुकुल स्टाइल लर्निंग सिस्टम:स्टॉक टिप्स नहीं देते; पेनी शेयरों में स्टूडेंट्स से पैसे लगाने का आरोप

मुंबई : अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTA) ने सेबी की रेड के बाद पहली बार आधिकारिक बयान जारी किया। ASTA ने कहा- हम न तो रिसर्च रिपोर्ट्स छापते हैं, न स्टॉक टिप्स देते हैं, न ही पर्सनलाइज्ड इनवेस्टमेंट सलाह देते हैं और न ही ट्रेड कॉल्स या गारंटीड रिटर्न का वादा करते हैं।

20 अगस्त को महाराष्ट्र के करजत में अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTA) पर मार्केट रेगुलेटर सेबी की टीम रेड के लिए पहुंची थी। डिप्टी जनरल मैनेजर की अगुवाई में यहां दो दिन तक तलाशी चली। लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क और ट्रेडिंग डेटा समेत कई डिवाइसेज जब्त किए गए थे।

NDTV प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस अकादमी के फाउंडर अवधूत साठे की गैरकानूनी गतिविधियों से हुई कमाई 400 से 500 करोड़ रुपए के दायरे में हो सकती है। साठे पर इल्जाम है कि वो पेनी स्टॉक्स को प्रमोट करते थे। ट्रेनिंग के दौरान स्टूडेंट्स को निवेश के लिए उकसाते थे।

ASTA बोला- हम एक ट्रेनिंग संस्थान, न कि एडवाइजरी सर्विस

ASTA ने अपने बयान में कहा, “हम एक ट्रेनिंग संस्थान हैं, न कि कोई एडवाइजरी सर्विस या फिनफ्लुएंसर।” अकादमी ने बताया कि वे गुरुकुल स्टाइल की लर्निंग सिस्टम पर काम करते हैं, जिसका मकसद लोगों को फाइनेंशियल मार्केट में स्किल्स, अनुशासन और सही सोच देना है।

पेनी स्टॉक्स में स्टूडेंट से पैसे लगाने का आरोप

सेबी को शक है कि साठे पेनी स्टॉक्स में पहले अपनी पोजीशन बनाते थे, फिर स्टूडेंट्स को निवेश के लिए उकसाते थे। कीमत बढ़ने पर स्टॉक्स बेच देते थे। इसे ‘पंप एंड डंप’ स्कैम कहा जाता है।

साठे की अकादमी पर फियर ऑफ मिसिंग आउट क्रिएट करने का भी इल्जाम है। लिमिटेड सीट्स, फीस बढ़ने की बात और गारंटीड रिटर्न के झूठे वादों से लोगों को लुभाया जाता था।

कमलेश वासने बोले- बिना सेबी लाइसेंस सलाह देना गैरकानूनी

सेबी के सीनियर मेंबर कमलेश वासने ने कहा- बड़े नामों पर कार्रवाई का मकसद पूरे मार्केट को सख्त संदेश देना है। बिना सेबी लाइसेंस के लाइव कॉल्स देना पूरी तरह गैरकानूनी है।

इससे पहले सेबी ने इसी तरह के एक मामले में फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर और ट्रेनिंग अकादमी चलाने वाली अस्मिता पटेल के खिलाफ 53 करोड़ रुपए जब्त करने का आदेश दिया था।

फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी को 17.2 करोड़ रुपए वापस करने का आदेश दिया। अंसारी सोशल मीडिया पर “बाप ऑफ चार्ट” के नाम से एक्टिव थे।

चॉल में पले-बढ़े, विदेश में काम किया, फिर स्टॉक मार्केट में करियर

52 साल के अवधूत साठे भारत के सबसे चर्चित ट्रेडिंग कोचों में से एक हैं। मुंबई के दादर की एक चॉल में पले-बढ़े साठे ने विदेश में IT सेक्टर में करियर बनाया।

2007 में उन्होंने नौकरी छोड़कर स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग और ट्रेनिंग पर फोकस किया। 2008 में सिर्फ 12 लोगों के एक छोटे से सेमिनार से शुरू हुआ। आज उनका एक बड़ा ट्रेडिंग स्कूल है। ASTA का दावा है कि उसने 51 देशों में 62,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी है।

साठे अपनी क्लासेस में टेक्निकल एनालिसिस के लेक्चर के बीच में डांस करने लगते हैं और स्टूडेंट्स को स्टेज पर बुलाकर माहौल को मजेदार बनाते थे।

उनके यूट्यूब चैनल के 9 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी अकादमी के कोर्स की कीमत करीब 18,000 रुपए प्रति मॉड्यूल है।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स के आंकड़ों के मुताबिक, साठे की अकादमी ने…

  • 2020-21 में 1.74 करोड़ रुपए कमाए।
  • 2021-22 में 37 करोड़ रुपए कमाए।
  • 2022-23 में 88.4 करोड़ रुपए कमाए।
  • 2023-24 में 115 करोड़ रुपए की कमाई की।
  • 2024-25 के लिए आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच सकता है।

भारत में 20 करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट्स

भारत का शेयर बाजार अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार है, जहां 20 करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट्स हैं। हाल के वर्षों में रिटेल निवेशकों की तादाद तेजी से बढ़ी है।

लेकिन सेबी का मानना है कि कई फाइनेंशियल एजुकेशन बिजनेस नए निवेशकों को गलत दिशा में ले जा सकते हैं। खासकर वे कोच या इन्फ्लुएंसर जो बिना लाइसेंस के सलाह देते हैं या आसान मुनाफे का लालच दिखाते हैं।

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