उत्तर प्रदेश : यूपी में समीक्षा अधिकारी–सहायक समीक्षा अधिकारी (RO-ARO) की प्रारंभिक परीक्षा खत्म हो गई है। 10 लाख 76 हजार में से केवल 42 फीसदी (4 लाख, 54 हजार) अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। यानी आधे से अधिक (6 लाख, 24 हजार) अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
लखनऊ में छात्र वसीम अहमद ने कहा- पेपर में मॉडर्न हिस्ट्री से जुड़े सवाल थोड़े ज्यादा टफ थे। हिंदी में पर्यायवाची के विकल्प कुछ कंफ्यूजिंग थे। वहीं, काजल यादव ने बताया- GS पोर्शन ज्यादा टफ था। यूपी से जुड़े भी कई सवाल थे। वाराणसी की ज्योति यादव ने कहा- पिछली बार की तुलना में इस बार पेपर आसान था।
प्रदेश के 2382 केंद्रों पर रविवार सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा हुई। सुबह 8 से 8:45 बजे तक अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। एंट्री गेट पर सख्ती से चेकिंग की गई। प्रवेश पत्र और पहचान पत्र दिखाने के बाद ही एंट्री मिली। बायोमेट्रिक चेकिंग भी की गई।
कानपुर में महिला अभ्यर्थियों की कान की बालियां और चेन उतरवा ली गईं। वहीं, पुरुष अभ्यर्थियों का कलावा उतरवा लिया गया। पानी की बोतल और गाड़ी की चाबी ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। गाजियाबाद में पुरुष अभ्यर्थियों की बेल्ट उतरवा ली गई। आजमगढ़ में एक छात्रा गेट बंद होने के कुछ ही देर बाद सेंटर पहुंची, लेकिन उसे एंट्री नहीं मिली। इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगी।
लखनऊ से परीक्षा देने उन्नाव पहुंची एक छात्रा परीक्षा केंद्र की ओर दौड़ रही थी। केंद्र का गेट बंद होने में सिर्फ 3 मिनट बचे थे। इसी दौरान ड्यूटी में तैनात कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण त्रिपाठी ने छात्रा को दौड़ते हुए देखा। उन्होंने स्थिति को समझा और छात्रा को अपनी गाड़ी में बैठाकर केंद्र तक पहुंचाया।
औरैया में दो छात्राओं में कहासुनी हो गई। फिर दोनों के बीच जमकर लात-घूसे चले। दुकानदारों ने किसी तरह से दोनों को छुड़ाया। पहली बार परीक्षा केंद्रों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से कराई गई। हल्की-सी हरकत पर भी तुरंत अलर्ट का अलार्म बजता था।
इससे पहले 11 फरवरी 2024 को भी यह परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक हो जाने के कारण यूपी लोक सेवा आयोग को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।



