Thursday, March 5, 2026
spot_img
Homeउत्तर प्रदेशमेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले

मेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले

इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे; लोग बोले- इन मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था
मेरठ। मेरठ में कपड़ा कारोबारी के परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे हैं। कारोबारी पिता सोमवार देर शाम नमाज पढऩे गए थे, तभी तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। उस वक्त घर में महिलाएं, बच्चों समेत 12 लोग थे।
ग्राउंड फ्लोर में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का वक्त नहीं मिला। सभी लपटों के बीच अंदर फंस गए। पड़ोसियों ने तुरंत फर्स्ट फ्लोर में फंसे 5 लोगों को सीढ़ी लगाकर बाहर निकाल लिया।
लेकिन, सेकंड फ्लोर में एक महिला और 5 बच्चे फंस गए। आग-धुआं देखकर महिला डर गई, उसने बचने के लिए सभी बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। थोड़ी देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची।
आग के बीच सेकंड फ्लोर तक पहुंचने को कोई रास्ता नहीं मिला तो पड़ोसी की दीवार तोड़ी गई। लेकिन, इतनी देर में महिला और 5 बच्चों की मौत हो गई।
हादसे में कपड़ा कारोबारी आसिम की पत्नी रुखसार (30), जुड़वा बेटियां अनाबिया, इनायत (6 माह) अकदस (3 साल) और भाई फारुक के दो बच्चे महविश (12), हम्माद (4 साल) की मौत हो गई।
कपड़ों के चलते तेजी से फैली आग
लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में सुराही वाली मस्जिद में गली नंबर-1 किदवई नगर की है। तीन मंजिला मकान में इकबाल अहमद का परिवार रहता था। इकबाल कपड़े तैयार कराते हैं। ऑर्डर पर और दूसरे शहरों में लगने वाली एग्जिबिशन में उन्हें सेल करते हैं। परिवार में उनके 5 बेटे हैं। इनमें 3 की शादी हो चुकी थी, जबकि दो अनमैरिड हैं।
सोमवार देर शाम जब हादसा हुआ, उस वक्त इकबाल अहमद और उनके 4 बेटे नमाज पढऩे बाहर गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज गया हुआ था। यानी, परिवार में कोई पुरुष मौजूद नहीं था। इकबाल अहमद का परिवार कपड़े का कारोबार करता है।
ऐसे में घर के ग्राउंड फ्लोर में स्टोर बना रहा था। इसमें कपड़े ही कपड़े भरे थे। रात 8-9 बजे अचानक ग्राउंड फ्लोर में आग लग गई। बताया जा रहा कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और कपड़ों की वजह से कुछ ही मिनट में तेजी से फैल गई।
लपटें देख डरी मां, बच्चों संग खुद को कमरे में बंद किया
पड़ोसियों ने धुआं उठता देखा तो चिल्लाकर परिवार को बताया। परिवार उस वक्त ऊपर की दो फ्लोर में था। जब तक उन्हें आग का पता चलता तब तक आग पूरे ग्राउंड फ्लोर को चपेट में ले चुकी थी। सीढिय़ों में भी आग फैल गई थी। फर्स्ट फ्लोर में उस वक्त 3 महिलाएं और 3 बच्चे यानी 6 लोग थे।
इनमें अरशद और फारुख की पत्नियां और मां अमीर बानो और इनके बच्चे थे। पड़ोसियों ने जैसे-तैसे सीढ़ी लगाकर इन सभी को बाहर निकाला। सेकंड फ्लोर में आसिम की पत्नी रुखसार और 5 बच्चे थे। उसने नीचे भागने की कोशिश की, लेकिन सीढ़ी में आग देखकर डर गई। उसने कमरा बंद कर लिया।
पड़ोसियों ने दीवार तोडक़र शवों को निकाला
पुलिस, फायर ब्रिगेड और पड़ोसियों ने सेकंड फ्लोर तक पहुंचने की कोशिश की। लेकिन, आग, तपिश और धुएं की वजह से कुछ भी नजर नहीं आया। बाद में पड़ोसी की दीवार तोडक़र सेकंड फ्लोर में पहुंचा गया। जब दमकल की टीम सेकंड फ्लोर तक पहुंची तो कमरे में पांचों बेहोश मिले।
पुलिस तुरंत सभी को राजधानी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मां अमीर बानो झुलस गई थी, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड की टीम 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाई।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments