Friday, March 6, 2026
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महानवमी पर CM योगी ने किया कन्याओं का पूजन: मां दुर्गा के रूप में 9 कन्याओं के पांव धोए, चुनरी ओढ़ाकर लिया आशीर्वाद

गोरखपुर | नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर एक बार फिर दिव्यता, भक्ति और भारतीय संस्कृति के जीवंत दर्शन का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परंपरा निभाते हुए 9 कन्याओं और 1 बटुक को मां दुर्गा और भगवान बालरूप मानकर उनका पूजन किया — और यह केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय जीवन दर्शन की गूंज थी।

पांव पखारे, चुनरी ओढ़ाई, और खुद परोसा भोजन

CM योगी ने स्वयं कन्याओं के पांव धोकर उन्हें देवी का दर्जा दिया, माथे पर तिलक लगाया, और लाल चुनरी ओढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह दृश्य हर श्रद्धालु के मन में श्रद्धा की एक नई लौ जला गया।

इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से सभी कन्याओं और बटुक को भोजन परोसा, और पूरे समय इस बात का ध्यान रखा कि किसी की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। उन्होंने मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देश दिए कि हर कन्या को आदर, सम्मान और प्रेम के साथ विदा किया जाए।

नारी शक्ति की आराधना, परंपरा और प्रेरणा

नवरात्रि का यह पर्व केवल देवी की पूजा नहीं, नारी सम्मान और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है। योगी आदित्यनाथ का यह कार्य बताता है कि जब नेतृत्व परंपरा और संवेदना के साथ जुड़ता है, तब समाज में उसका गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रदेशभर में भक्ति की लहर, पंडालों में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज और कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में दुर्गा पूजा की धूम रही। लखनऊ के पूजा पंडालों में इस बार थीम आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र बनीं।

‘महिषासुर’ बना ‘अमेरिकन टैरिफ’: अनोखी झांकी ने बटोरी सुर्खियां

एक पंडाल में मां दुर्गा को आधुनिक प्रतीकों से जोड़ते हुए ‘अमेरिकन टैरिफ’ नामक दानव का वध करते हुए दिखाया गया — यह झांकी आर्थिक चुनौतियों के प्रतीकात्मक वध के रूप में लोगों का ध्यान खींच रही है। इसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।

यह केवल पूजा नहीं, है प्रेरणा का क्षण

CM योगी की यह पहल सिर्फ परंपरा निभाना नहीं, बल्कि आधुनिक राजनीति में आध्यात्मिकता की पुनःस्थापना का संदेश है। कन्याओं के पांव धोकर, उन्हें भोजन कराकर, उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि संस्कृति तभी जीवित रहती है, जब नेतृत्व उसे जीता है।

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