लंदन की अदालत में याचिका, 6,498 करोड़ के बैंक घोटाले के आरोपी ने कहा: भारत भेजा गया तो होगी प्रताड़ना, 23 नवंबर को सुनवाई
नई दिल्ली/लंदन। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने एक बार फिर भारत प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश की है। नीरव ने लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि अगर उसे भारत भेजा गया, तो भारतीय जांच एजेंसियां उससे पूछताछ के दौरान टॉर्चर कर सकती हैं।
इस याचिका पर अब कोर्ट में 23 नवंबर को सुनवाई हो सकती है। इससे पहले अप्रैल 2021 में UK की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी, लेकिन नीरव लगातार कानूनी पैंतरों के जरिए प्रक्रिया टालता रहा है।
भारत ने दिया जवाब – जांच पूरी, पूछताछ की आवश्यकता नहीं
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया कि,
“CBI और ED दोनों ही एजेंसियों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। नीरव मोदी से अब किसी प्रकार की पूछताछ नहीं होनी है। अगर आवश्यकता पड़ी तो अदालत को फिर से आश्वासन दिया जा सकता है कि भारत लाने पर उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा।”
भारत ने UK को पहले ही बताया है कि नीरव मोदी को मुंबई के आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा, जहां सुरक्षा, चिकित्सा और मानवाधिकारों की पूरी व्यवस्था है।
करोड़ों की ठगी, तीन आपराधिक मुकदमे
नीरव मोदी पर आरोप है कि उसने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के माध्यम से PNB से ₹6,498 करोड़ की धोखाधड़ी की। उसके खिलाफ भारत में तीन आपराधिक कार्रवाइयाँ चल रही हैं:
- CBI – बैंक धोखाधड़ी से संबंधित मामला
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) – मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला
- CBI – सबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ का अलग मामला
नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है। उसके द्वारा दायर की गई कई जमानत याचिकाएं UK और भारत की अदालतों में खारिज हो चुकी हैं।
प्रत्यर्पण की राह में नई बाधा?
अब अदालत तय करेगी कि नीरव मोदी की यह नई दलील – कि भारत में उसके साथ टॉर्चर हो सकता है – तथ्यात्मक रूप से कितनी सही है। अगर अदालत ने याचिका खारिज कर दी, तो उसके भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो सकता है। अन्यथा, मामला और लंबा खिंच सकता है।



