मुंबई ।शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार शुरुआत तो की, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली और वैश्विक दबावों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 500 अंक टूटकर 81,750 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 150 अंकों की गिरावट के साथ 25,030 पर कारोबार करता दिखा।
दिनभर के कारोबार में बाजार ने अस्थिर रुख अपनाया। जहां आईटी सेक्टर ने तेजी दिखाई, वहीं बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी सेक्टर में निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।
बाजार का हाल
| सूचकांक | उच्चतम स्तर | न्यूनतम स्तर | बंद स्तर | गिरावट |
|---|---|---|---|---|
| सेंसेक्स | ~82,250 | ~81,700 | 81,750 | -200 अंक |
| निफ्टी | ~25,180 | ~25,000 | 25,030 | -80 अंक |
सेंसेक्स ने इंट्राडे में 500 अंकों तक की गिरावट दिखाई
निफ्टी ऊपरी स्तर से 150 अंक टूटा
कहां रही कमजोरी, कौन बना सहारा?
तेजी वाले स्टॉक्स:
- टाइटन: +4%
- इंफोसिस, टेक महिंद्रा, TCS: 1.5-2% की बढ़त
गिरावट वाले स्टॉक्स:
- BEL, टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट
- बैंकिंग दिग्गज जैसे HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Bank दबाव में
सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयरों में गिरावट
निफ्टी के 50 में से 37 स्टॉक्स लाल निशान में
वैश्विक संकेत नरम, एशियाई बाजार मिले-जुले
- जापान का निक्केई: +0.03% (47,965)
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग: -1.06% (26,673)
- चीन और कोरिया के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे
अमेरिकी बाजार (7 अक्टूबर):
- डाउ जोन्स: -0.20%
- नैस्डैक: -0.67%
- S&P 500: -0.38%
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने और महंगाई के अनुमान से वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
बजाज फिनसर्व का बड़ा ऐलान: बीमा कारोबार अब 100% ‘बजाज’ के नाम
बजाज फिनसर्व ने अपने बीमा कारोबार को नया रूप देते हुए दोनों बीमा कंपनियों का नाम बदल दिया है:
- बजाज जनरल इंश्योरेंस
- बजाज लाइफ इंश्योरेंस
इसके साथ ही इन कंपनियों में बजाज ग्रुप की हिस्सेदारी अब 74% से बढ़कर 100% हो गई है। इस कदम के बाद अब पूरा इंश्योरेंस कारोबार ‘100% बजाज ब्रांड’ के तहत संचालित होगा।
निवेशकों की चाल: घरेलू निवेशक एक्टिव, विदेशी सतर्क
| तिथि | FII निवेश (₹ करोड़) | DII निवेश (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| 7 अक्टूबर | +1,440.66 | +452.57 |
मासिक ट्रेंड:
| महीना | एफआईआई | डीआईआई |
|---|---|---|
| सितंबर | ₹-35,301 करोड़ | ₹+65,343 करोड़ |
| अगस्त | ₹-46,902 करोड़ | ₹+94,828 करोड़ |
लगातार विदेशी बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों का बाजार में विश्वास मजबूत बना हुआ है।
बाजार फिलहाल तकनीकी रूप से ओवरबॉट जोन में है, जिससे हर तेजी पर मुनाफावसूली हावी हो रही है।
ग्लोबल संकेत कमजोर हैं और निवेशक अमेरिकी महंगाई डेटा व फेडरल रिजर्व की अगली बैठक के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
अल्पावधि में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए IT, FMCG और इंश्योरेंस सेक्टर आकर्षक नजर आ रहे हैं।



