Friday, March 6, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी का मणिपुर दौरा: दो साल बाद पहली बार पहुंचेंगे हिंसा प्रभावित राज्य, 8,500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे

चुराचांदपुर और इंफाल में दो जनसभाएं; विपक्ष ने कहा- अच्छा है कि अब वे आ रहे हैं

इंफाल : लगभग दो साल तक चले जातीय संघर्ष और हिंसा के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पहली बार मणिपुर का दौरा करेंगे। यह यात्रा न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री चुराचांदपुर और इंफाल में दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे और राज्य को 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, मोदी शनिवार दोपहर लगभग 12:30 बजे चुराचांदपुर पहुंचेंगे और 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:30 बजे इंफाल पहुंचकर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

हिंसा के बाद पहला दौरा, पहले हो चुके हैं 7 दौरे

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का यह मणिपुर का आठवां दौरा होगा, लेकिन मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। इससे पहले वे 2014 से 2022 के बीच सात बार राज्य आ चुके हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने किया स्वागत, राहुल बोले- “अच्छा है कि वे अब जा रहे हैं”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के दौरे का स्वागत करते हुए कहा,

“मणिपुर की समस्या बहुत पुरानी है और बहुत गहरी भी। अच्छा है कि प्रधानमंत्री अब वहां जा रहे हैं। उम्मीद है कि उनकी यात्रा पीड़ितों के लिए कुछ राहत और उम्मीद लेकर आएगी।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी पहले राज्यसभा में कह चुके हैं कि “प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लेना चाहिए।” विपक्ष लंबे समय से पीएम मोदी की मणिपुर से दूरी को लेकर सरकार की आलोचना करता रहा है।

.दौरे के पीछे की रणनीति: ‘नैरेटिव कंट्रोल’ या ‘लोकनेता की वापसी’?

दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री की लोकनेता वाली छवि को पुनर्स्थापित करने का प्रयास भी है।

“विपक्ष लगातार पीएम मोदी पर मणिपुर की अनदेखी का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में यह दौरा एक नैरेटिव कंट्रोल की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।”

मोदी 2 साल में मणिपुर पर 3 बार बोले, लेकिन दौरा नहीं किया

  1. 20 जुलाई 2023मानसून सत्र के पहले दिन:
    नग्न परेड की घटना पर बोले – “हम शर्मिंदा हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
  2. 10 अगस्त 2023लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर:
    “मणिपुर में जल्द शांति का सूरज उगेगा।”
  3. 15 अगस्त 2023स्वतंत्रता दिवस भाषण में:
    “मणिपुर में महिलाओं के साथ जो हुआ, वह कभी माफ नहीं किया जा सकता।”

राहुल गांधी 3 बार जा चुके हैं मणिपुर: राहत शिविरों तक पहुंचे, भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत यहीं से की

  • 29-30 जून 2023: चुराचांदपुर जाने के दौरान पुलिस ने इंफाल से 20 किमी पहले उन्हें रोका; हेलिकॉप्टर से आगे बढ़े।
  • 14 जनवरी 2024: भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत मणिपुर के थौबल से की।
  • 8 जुलाई 2024: जिरीबाम और चुराचांदपुर में हिंसा पीड़ितों से मुलाकात।

PM के दौरे से पहले केंद्र-कुकी संगठनों के बीच शांति समझौता

प्रधानमंत्री की यात्रा से ठीक 10 दिन पहले, दिल्ली में केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी संगठनों (KZC और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट) के बीच सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौता हुआ।

इसके तहत NH-2 (नेशनल हाईवे) को फिर से खोल दिया गया है, जो मैतेई और कुकी क्षेत्रों को जोड़ता है और हिंसा के बाद से बंद था। कुकी नेताओं ने भारत सरकार को शांति बनाए रखने में सहयोग का भरोसा दिया है।

मणिपुर हिंसा की जड़ में क्या है?

1. ST दर्जे की मांग

  • मैतेई समुदाय ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने सिफारिश करने को कहा।
  • कुकी समुदाय को डर है कि इससे वे पहाड़ी क्षेत्रों की जमीनें खो सकते हैं।

2. अलग प्रशासन की मांग

  • कुकी चाहते हैं ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’, जबकि राज्य सरकार इसे संविधान और अखंडता के खिलाफ मानती है।

3. ड्रग तस्करी का आरोप और अविश्वास

  • सरकार ने कुकी समुदाय पर अवैध अफीम की खेती और तस्करी का आरोप लगाया।
  • कुकी समुदाय का आरोप – “हमें बदनाम किया जा रहा है, पुलिस और सेना भी पक्षपाती है।”

हिंसा के दौरान सामने आए 3 सबसे संवेदनशील मामले

  1. दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया (4 मई 2023)
    • भीड़ ने कुकी महिलाओं को नग्न कर घुमाया, वीडियो वायरल हुआ।
    • CBI ने बताया – पुलिस ने महिलाओं को भीड़ के हवाले किया।
  2. CRPF कैंप पर वर्दीधारी मिलिटेंट्स का हमला (11 नवंबर 2024)
    • जिरीबाम में हमला, 10 मिलिटेंट्स ढेर।
    • मिलिटेंट्स वर्दी में थे, हथियार हाईटेक।
  3. तीन महिलाओं और तीन बच्चों की हत्या (नवंबर 2024)
    • अगवा कर हत्या की गई; शव नदी में पाए गए।
    • दावा – ये हत्या 10 मिलिटेंट्स की मौत का बदला थी।

राजनीतिक परिदृश्य: मणिपुर में कैसे बदला सत्ता का संतुलन?

  • 2002-2017: कांग्रेस का 15 साल का शासन, 2012 में 42 सीटें जीतीं।
  • 2017: कांग्रेस 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन भाजपा ने NPP, NPF, LJP के साथ सरकार बना ली।
  • 2022: भाजपा ने 32 सीटें जीतकर अकेले बहुमत प्राप्त किया।
  • 2025: हिंसा न रोक पाने के चलते मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दिया।
  • 13 फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है।
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