पीलीभीत: पीलीभीत की बीसलपुर विधानसभा से कई बार भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके रामसरन वर्मा ने सोमवार को एक अनोखे अभियान का ऐलान किया है। वे जरूरतमंदों की मदद के लिए खुद गांव-गांव और शहर-शहर जाकर भिक्षा मांगेंगे। इस अभियान में आटा, चावल और नगद राशि जुटाई जाएगी।
रामसरन वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह राजनीति नहीं, सेवा है। मैं रोज पांच गांव जाऊंगा। जो भी राशन या धन मिलेगा, उसे संयुक्त खाते में जमा किया जाएगा। इस खाते का संचालन मैं और जिलाधिकारी मिलकर करेंगे। इसका उपयोग बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों की मदद के लिए होगा।”
अभियान की शुरुआत बीसलपुर विधानसभा से होगी। लेकिन लक्ष्य इसे पूरे प्रदेश में फैलाने का है। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी। इस समिति में डीएम अध्यक्ष, एसपी और सीएमओ सदस्य होंगे। वर्मा इसमें संरक्षक की भूमिका निभाएंगे। उनका कहना है कि इस पहल से समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना मजबूत होगी।
आवारा पशुओं के मुद्दे पर धरना दिया था
इस घोषणा ने राजनीतिक हलचल भी पैदा कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि यह चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव के करीब आते ही पूर्व मंत्री फिर सक्रिय हो गए हैं। विपक्षियों ने याद दिलाया कि पिछली बार उन्होंने आवारा पशुओं के मुद्दे पर धरना दिया था। लेकिन उनके बेटे विवेक वर्मा के चुनाव जीतने के बाद पांच साल तक इस मुद्दे पर चुप रहे।
वहीं, वर्मा के समर्थक इसे पूरी तरह सेवा भावना का कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि वर्मा ने हमेशा जनता के हित में काम किया है। यह अभियान प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों के लिए मददगार साबित होगा।
भाजपा विधायक के पिता है रामसरन
यूपी सरकार में कई बार विधायक और मंत्री रहे रामसरन वर्मा वर्तमान में बीसलपुर विधानसभा से भाजपा विधायक विवेक वर्मा के पिता हैं। बीते चुनाव से पहले रामसरन ने आवारा पशुओं के मुद्दे पर बीसलपुर में अपनी ही सरकार के खिलाफ विधायक रहते हुए धरना प्रदर्शन किया था।



