चंडीगढ़ | पंजाब में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी एक चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब CBI ने रोपड़ रेंज के DIG हरचरण सिंह भुल्लर के घर छापेमारी कर ₹7 करोड़ नकद, लग्ज़री गाड़ियों की चाबियां, विदेशी शराब, महंगी घड़ियां और कई संपत्ति दस्तावेज़ बरामद किए।
CBI की यह कार्रवाई करीब 21 घंटे तक चली, जिसके दौरान नकदी की गिनती के लिए बैंक से तीन नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं। यह अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी में से एक मानी जा रही है, जिसने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या-क्या मिला DIG के घर से?
CBI के अधिकारियों ने जो विवरण साझा किया है, वह चौंकाने वाला है:
- ₹7 करोड़ कैश, 500 और 2000 के नोटों में
- 15 से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज़
- Audi और Mercedes जैसी कारों की चाबियां
- विदेशी ब्रांड की शराब
- महंगी ब्रांडेड घड़ियां
- 3 लाइसेंसी हथियार
- महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज़
CBI ने सारे सबूत जब्त कर उन्हें सेक्टर-30, चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में भेज दिया है।
गिरफ्तारी की ड्रामेटिक कहानी: कैमरे में कैद हुआ रंगे हाथों रिश्वत लेते DIG
पूरा मामला मंडी गोबिंदगढ़ के एक स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत से शुरू हुआ। कारोबारी से 2023 में दर्ज एक कथित फर्जी बिल-बिल्टी केस में चार्जशीट से बचाने के बदले में ₹8 लाख की रिश्वत मांगी गई थी।
CBI की योजना के तहत:
- सबसे पहले आरोपी बिचौलिया कृष्नु को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
- इसके बाद DIG भुल्लर ने कारोबारी को मोहाली बुलाया, जहां CBI ने जाल बिछाकर DIG को रिश्वत लेते हुए कैमरे पर पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद पहली तस्वीर वायरल
गिरफ्तारी के बाद दोनों को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 के अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।
DIG भुल्लर ने अपने चेहरे को रुमाल से ढक रखा था और साधारण पैंट-शर्ट में थे।
उनकी कलाई पर महंगी घड़ी और चलने का आत्मविश्वास साफ दिख रहा था, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
आज कोर्ट में पेशी, CBI मांगेगी रिमांड
CBI आज दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश करेगी।
संभावना है कि एजेंसी कम से कम 5 दिन की पुलिस रिमांड मांगेगी, ताकि:
- बरामद नकदी और संपत्तियों की जांच की जा सके
- इनकम टैक्स, हवाला और अन्य संबंधित धाराओं में पूछताछ की जा सके
- यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह कोई बड़ा रिश्वत नेटवर्क तो नहीं
क्या यह सिर्फ एक रिश्वत का मामला है? या शुरू हो रहा है भ्रष्टाचार का विस्फोट?
इस केस ने पंजाब की पुलिस और राजनीतिक व्यवस्था को हिला कर रख दिया है।
DIG स्तर के अधिकारी के पास से इतनी बड़ी राशि और महंगी संपत्तियों का मिलना यह सवाल खड़ा करता है कि:
- क्या यह एक बड़ा भ्रष्टाचार सिंडिकेट है?
- क्या पुलिस में यह सिस्टमेटिक घोटाला बन चुका है?
- कितने और अधिकारी इसके जाल में हैं?
CBI के लिए अगली चुनौती: ट्रेल खोजना
CBI अब कई स्तरों पर जांच शुरू कर चुकी है:
- संपत्तियों की रजिस्ट्री, मार्केट वैल्यू और अवैध कमाई की ट्रेल
- बैंक अकाउंट, शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश की जांच
- अन्य अधिकारियों से संबंध और लेन-देन का ब्यौरा
जनता का गुस्सा: ‘पुलिस ही लूट रही है तो शिकायत किससे करें?’
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी का सैलाब है।
लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जब कानून की रक्षा करने वाला ही रिश्वत में लिप्त हो, तो जनता की सुरक्षा कौन करेगा?
CBI की यह कार्रवाई सिर्फ एक DIG की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक पूरे तंत्र की पोल खोलने का पहला कदम है।
यह केस आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा टेस्ट केस बन सकता है।



