ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में भीषण आग, एसी में शॉर्ट सर्किट से हादसा; लाखों का नुकसान, 15 साल का बच्चा बाल-बाल बचा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट | एक आम सुबह… और फिर अचानक धुआं, चीख-पुकार और अफरातफरी। वृंदावन गार्डन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 503 में सोमवार को वो हुआ, जो किसी की भी कल्पना से परे था। माता-पिता ड्यूटी पर थे, और 15 साल का बेटा घर में अकेला। अचानक आग लगी, और मिनटों में पूरा फ्लैट धुएं और लपटों से घिर गया।
एक मासूम अंदर फंसा था, हर सेकेंड भारी था…
सुबह करीब 11 बजे सोसाइटी के लोगों ने देखा कि पांचवीं मंज़िल के एक फ्लैट से काला धुआं उठ रहा है। पहले तो किसी को समझ नहीं आया, लेकिन जैसे ही लपटें दिखीं, पड़ोसियों ने तुरंत अलर्ट किया।
वे दौड़ते हुए पहुंचे, दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। डर बढ़ता गया — क्या कोई अंदर फंसा है? और फिर वो फैसला — “दरवाज़ा तोड़ो!”
दरवाज़ा तोड़ा गया। अंदर का नज़ारा रूह कंपा देने वाला था — चारों तरफ धुआं, जलती चीज़ों की बदबू और बीच में कांपता हुआ एक बच्चा। उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दमकल ने पाया आग पर काबू, लेकिन तब तक सब राख हो चुका था
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक फ्लैट में रखा लाखों का सामान — फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, दस्तावेज — सब जलकर राख हो चुका था।
एसी में शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग की वजह एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट रही। दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि फ्लैट में आग के वक्त एक किशोर अकेला था, जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया। “हमें समय पर सूचना मिली और टीम ने फौरन कार्रवाई की। कोई जनहानि नहीं हुई है, यह सबसे बड़ी राहत है,” उन्होंने कहा।
सीख — अलर्ट रहें, उपकरणों की नियमित जांच कराएं
इस घटना ने फिर एक बार याद दिला दिया कि अग्निकांड कितनी तेजी से जानलेवा बन सकते हैं। अगर पड़ोसी समय रहते सतर्क न होते, तो नतीजा भयावह हो सकता था।
सुरक्षा के लिए कुछ अहम सुझाव:
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की समय-समय पर सर्विस कराएं
- घर में फायर अलार्म और फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें
- बच्चों को अकेला छोड़ने से पहले इमरजेंसी गाइडेंस दें
- पड़ोसियों से संपर्क और विश्वास बनाए रखें — ऐसे वक़्त में वही सबसे पहले काम आते हैं
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