बरेली : यूपी के बरेली में एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले दो और शूटरों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को दोनों शूटरों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है। इनके नाम नकुल सिंह और विजय तोमर हैं। दोनों बागपत के रहने वाले हैं। इन पर एक-एक लाख का इनाम था।
दोनों ने 11 सितंबर को दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग की थी। एक सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें वे बाइक पर जाते हुए नजर आ रहे हैं। बरेली पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। दोनों शूटरों को बी-वारंट पर बरेली लाया जाएगा।
बरेली पुलिस के मुताबिक, दिशा पाटनी के घर दो दिन यानी 11 और 12 सितंबर को फायरिंग हुई थी। 11 सितंबर को सुबह तड़के साढ़े 4 बजे नकुल और विजय ने ही फायरिंग की थी। जबकि 12 सितंबर को हरियाणा के शूटर अरुण और रविंद्र ने फायरिंग की थी।
यूपी एसटीएफ ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस के साथ 17 सितंबर की शाम को गाजियाबाद में अरुण और रविंद्र को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके बाद से विजय और नकुल की तलाश कर रही थी।
चारों शूटर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग के सदस्य थे। अपने दो शूटरों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद गैंग लीडर रोहित गोदारा बौखला गया था। उसने यूपी पुलिस को धमकी दी थी। कहा था- हमारे जो दो शूटर्स मारे गए हैं, हम इसका बदला लेंगे। कोई कितना भी ताकतवर हो, माफी नहीं मिलेगी।
10 सितंबर को बरेली पहुंचे थे चारों शूटर
पुलिस जांच में पता चला- चारों शूटर दो बाइकों से 10 सितंबर को बरेली आ गए थे। नकुल और विजय स्प्लेंडर बाइक से थे। दोनों सुबह 6 बजकर 48 मिनट पर झुमका चौराहे पर रुके थे। यहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गए।
सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर जंक्शन रोड के हिंद गेस्ट हाउस में अरुण, विजय और नकुल ने चेक-इन किया। यहां से दिशा पाटनी का घर आधा किलोमीटर दूर है। जबकि चौथा शूटर रविंद्र पुराने बस अड्डे से सटे प्रीत पैलेस होटल में रुका था। उसने सागर के नाम से आईडी दी थी।
11 सितंबर को नकुल-विजय ने की थी फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को सुबह 4.30 बजे दिशा पाटनी के घर पर नकुल और विजय ने ही फायरिंग की। उस वक्त दिशा पाटनी का परिवार सो रहा था, हालांकि अभिनेत्री मुंबई में थीं। पिता जगदीश पाटनी ने FIR में बताया था- हम लोग सो रहे थे। तभी मेरा कुत्ता भौंकने लगा।
मुझे संदेह हुआ। तब मैं बालकनी में आया, तो नीचे बाइक सवार 2 लोग दिखे। टोकने पर एक युवक ने मुझे निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। मैंने पिलर के पीछे फर्श पर लेटकर अपनी जान बचाई।
पहले दिन फायरिंग के बाद रविंद्र रामपुर पहुंचा, जहां उसने रामनिवास के नाम से होटल में आईडी दी। फिर अगले दिन यानी 12 सितंबर को वह बरेली लौटा। इसके बाद उसने अरुण के साथ दिशा पाटनी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दोनों भागते हुए CCTV में भी कैद हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, रविंद्र ही मुख्य आरोपी था, जिसने फायरिंग की, जबकि अरुण बाइक चला रहा था और हेलमेट पहने हुए था। रविंद्र का चेहरा सीसीटीवी में चेहरा साफ नजर आया था।
बुधवार को एनकाउंटर में मारे गए थे अरुण और रविंद्र
यूपी STF के मुताबिक, बुधवार शाम 7:22 बजे गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी एरिया में चेकिंग की जा रही थी। तभी दो लड़के बाइक पर दिखे। वे चेकिंग देखकर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस जीप पर 4 बुलेट लगी। टीम ने खुद को बचाते हुए बदमाशों पर फायरिंग की। 15 मिनट तक दोनों तरफ से करीब 25 से 30 राउंड फायर हुए। पुलिस की गोली से अरुण और रविंद्र घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मौके से ग्लॉक, जिगाना पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। एक सफेद अपाचे भी मिली। माना जा रहा है कि यही वह बाइक है, जिस पर बदमाश बरेली आए और दिशा पाटनी के घर फायरिंग करके लौट गए थे। STF के अनुसार, दोनों बदमाश CCTV में कैद हुए थे। दिशा पाटनी के घर फायरिंग करते वक्त अरुण सफेद शर्ट और रविंद्र नीली टी-शर्ट पहने था।
एनकाउंटर के बाद रोहित गोदारा ने कहा था- बदला लेंगे
रोहित गोदारा नाम की फेसबुक अकाउंट से गुरुवार सुबह 10.22 बजे पोस्ट हुआ। इसमें लिखा- भाइयों, आज ये जो एनकाउंटर हुआ है, यह हमारे लिए जीवन की बहुत बड़ी क्षति है। मैं आपको बता दूं, यह जो न्यूज चैनल वाले चला रहे हैं कि ढेर हुए, ये ढेर नहीं शहीद हुए हैं। इन भाइयों ने धर्म के लिए अपना बलिदान दिया है। अरे कुछ तो शर्म करो। एक मुंह से तुम सनातन सनातन चिल्लाते हो और जो सनातन के लिए लड़ाई लड़े, उसे मार दिया जाता है। यह इंसाफ नहीं है।
ये जितने भी सनातन धर्म का नाम लेकर घूम रहे, ये सिर्फ अपनी रोटी सेंक रहे हैं। यह एनकाउंटर नहीं, सनातन की हार हुई है। धर्म के लिए लड़ने वालों को इस हिंदुस्तान में मार दिया जाता है। अगर तुम इतने सच्चे हो तो उठाओ मुद्दा। हमारे शहीद भाइयों को दिलाओ इंसाफ।
सनातन धर्म की आड़ में धंधा चल रहा: मैं पूरे देश को बता देना चाहता हूं कि यह सनातन धर्म की आड़ में एक धंधा चला हुआ है। सभी देशवासी इनसे सावधान रहें और हम अगर धर्म के लिए लड़ सकते हैं तो हमारे शहीद भाइयों के लिए हम वह काम कर सकते हैं, जिसकी ये कल्पना भी नहीं कर सकते। इसमें जिसका भी हाथ है, वह चाहे कितना भी पैसे वाला हो या पावर वाला हो, वक्त लग सकता है। माफी नहीं है।
अब जानिए रोहित गोदारा गैंग क्यों पाटनी परिवार से हुआ नाराज?
एक्ट्रेस की बहन खुशबू पाटनी ने कहा था- अनिरुद्धाचार्य का मुंह तोड़ दूंगी
30 जुलाई को दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने एक वीडियो जारी किया था। इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन-रिलेशनशिप वाले बयान पर खुशबू ने कहा- ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी। अगर ये शख्स मेरे सामने होता तो मैं इसे अच्छे से समझा देती कि ‘मुंह मारना’ क्या होता है।
इसे राष्ट्र विरोधी कहने में मुझे कोई हिचक नहीं। जिस इंसान की सोच इतनी घटिया हो, उसे मंच मिलना ही नहीं चाहिए। खुशबू पाटनी ने सवाल उठाया- अगर कोई लिव-इन में है तो क्या लड़की अकेली है? क्या लड़के शामिल नहीं होते?
खुशबू बोलीं- इन्हें समाज के नामर्द फॉलो कर रहे
खुशबू ने आगे कहा- ये दुखद है कि ऐसे बद्जुबान लोगों को समाज में फॉलो किया जाता है। समाज के सारे नामर्द इसे फॉलो कर रहे हैं। जो लड़कियों के चरित्र पर उंगली उठाता है, वो किसी भी धर्म या संस्कृति का प्रतिनिधि नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस आधार पर एक कथावाचक ऐसा भद्दा बयान देता है? क्या धर्म के मंच से इस तरह के प्रवचन दिए जा सकते है?



