Friday, March 6, 2026
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तहसील परिसर में बंदर ने उड़ाए 500-500 के नोट, पैसे लुटाते देख मच गई अफरातफरी

युवक बाइक की डिग्गी में लेकर आया था मोटी रकम, बंदर ने बैग छीनकर पेड़ पर चढ़कर उड़ाए नोट, वीडियो वायरल

प्रयागराज | प्रयागराज के सोरांव तहसील परिसर में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिस पर यक़ीन करना मुश्किल है। एक युवक बाइक की डिग्गी में लाखों रुपये रखकर तहसील आया और कुछ ही देर में वो रकम आसमान से बरसने लगी — क्योंकि एक चतुर बंदर उस रकम को डिग्गी से निकालकर पास के पेड़ पर चढ़ गया और वहां से ₹500-₹500 के नोट फेंकने लगा।

इस अनोखी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है, और तहसील परिसर में मौजूद हर शख्स इस अप्रत्याशित तमाशे का गवाह बना।

डिग्गी से बैग निकाला, फिर पेड़ पर चढ़ा ‘लुटेरा बंदर’

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक जमीन की रजिस्ट्री के सिलसिले में तहसील आया था। उसने बाइक की डिग्गी में एक पॉलिथीन बैग में नकद रकम रखी थी। तभी एक बंदर आया, बड़ी चालाकी से डिग्गी खोली और बैग लेकर पास के पीपल के पेड़ पर चढ़ गया।

कुछ देर तक बंदर बैग में टटोलता रहा और फिर नोटों की गड्डी निकाली। रबरबैंड तोड़ते ही वह एक-एक कर ₹500 के नोट नीचे फेंकने लगा। नोटों की बारिश देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और भागकर नोट समेटने लगे।

लोगों ने बनाए वीडियो, युवक हुआ परेशान

जिस समय ये घटना हो रही थी, उस दौरान कई लोग मौके पर मौजूद थे। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

युवक इस पूरी घटना से स्तब्ध रह गया। उसने बंदर को भगाने और बैग वापस लेने की हर संभव कोशिश की, लेकिन बंदर लगातार पेड़ पर चढ़ता गया और नोट फेंकता रहा।

पैसे लौटाने वालों ने दिखाई ईमानदारी, युवक ने नाम बताने से किया इनकार

नोट बटोरने में जुटे कुछ लोगों ने ईमानदारी दिखाते हुए नोट युवक को लौटा दिए। हालांकि युवक ने अपनी पहचान सार्वजनिक करने से मना कर दिया। उसने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वह इतनी बड़ी नकद राशि क्यों लेकर आया था, जबकि जमीन रजिस्ट्री में ₹20,000 से अधिक नकद की आवश्यकता नहीं होती।

कई सवाल अब भी बाकी…

यह घटना जहां मनोरंजन और हैरानी का विषय बनी हुई है, वहीं इससे कुछ गंभीर सवाल भी खड़े होते हैं:

  • इतनी बड़ी नकदी लेकर तहसील परिसर में क्यों आया गया?
  • डिग्गी जैसे असुरक्षित स्थान पर नकदी रखना क्या जिम्मेदारी है?
  • कहीं यह पैसा लेन-देन में पारदर्शिता से बचने का जरिया तो नहीं था?

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, युवक की गतिविधियों की जांच की जा सकती है।

शहरी बंदरों की ‘शातिर चालें’

इस घटना ने शहरी क्षेत्रों में बंदरों की बढ़ती समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। पहले फल-सब्जी चुराना और झोले छीनना आम बात थी, अब वे गाड़ियों की डिग्गी खोलकर नकदी भी ले जा रहे हैं। वन विभाग और नगर निगम को अब ऐसे बंदरों की बढ़ती ‘स्मार्टनेस’ से निपटने के लिए नई रणनीति बनानी होगी।

प्रशासन सतर्क, वन विभाग को सूचना भेजी गई

तहसील प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। साथ ही वन विभाग को इलाके में सक्रिय बंदरों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए निगरानी और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

“पेड़ों से फल गिरना आम है, लेकिन प्रयागराज में पहली बार बंदर ने पेड़ से पैसा गिराया। ये एक मज़ाकिया घटना थी, लेकिन यह व्यवस्था, सतर्कता और नैतिकता – तीनों पर बड़ा सवाल भी छोड़ गई है।”

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