पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि व्यापार के दबाव से दोनों परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध रोका गया
नई दिल्ली/टोक्यो: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान “सात ब्रांड न्यू विमान” गिराए जाने का दावा किया है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे। ट्रंप ने यह बात टोक्यो में कारोबारियों के साथ रात्रिभोज के दौरान कही और दोहराया कि उन्होंने दो परमाणु शक्तियों के बीच सैन्य संघर्ष रोकने में अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप ने बताया, “मैंने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल से कहा कि अगर आप लोग लड़ते रहेंगे तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे। लगभग 24 घंटे के भीतर संघर्ष खत्म हो गया। यह वाकई अद्भुत था।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने व्यापार को मध्यस्थता का उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने इसे सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया।
भारत-पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच प्रत्यक्ष बातचीत के जरिए हुआ। भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।
चार दिन तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी 10 मई को दावा किया था कि यह संघर्षविराम वाशिंगटन की मध्यस्थता में संभव हुआ।
ट्रंप की रणनीति और विवाद
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर वे संघर्ष जारी रखेंगे तो अमेरिका के साथ कोई व्यापार नहीं होगा। उन्होंने इसे युद्ध रोकने का व्यापारिक दबाव बताया। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने इसे सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह दावा विवादास्पद है क्योंकि संघर्षविराम सीधे सैन्य चैनलों के जरिए हुआ। फिर भी उनका बयान वैश्विक स्तर पर भारत-पाकिस्तान विवाद और कूटनीतिक दबाव के दृष्टिकोण में नया आयाम जोड़ता है।



