जयपुर : जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजर की संख्या लगातार गिरती जा रही है। पिछले 7 महीनों में यह संख्या डेढ़ लाख पैसेंजर्स तक कम हो चुकी है। इसको लेकर अब एयरलाइन कंपनियां भी जयपुर से अपनी उड़ान को लेकर मंथन कर रही हैं।
दरअसल, फ्लाइट डायवर्जन और कैंसिलेशन की वजह से अब पैसेंजर जयपुर एयरपोर्ट से सफर करना पसंद नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ महीनों में जयपुर एयरपोर्ट से सफर करने वाले पैसेंजर की संख्या में बड़ी गिरावट हुई है। इसके लिए सबसे बड़ी वजह जयपुर एयरपोर्ट से सीमित शहरों के लिए फ्लाइट्स के संचालन को माना जा रहा है। क्योंकि जयपुर से राजस्थान के अधिकांश एयरपोर्ट और देश के प्रमुख शहरों के लिए भी सीधी हवाई सेवा नहीं है। इसके चलते अब पैसेंजर्स सड़क मार्ग से ज्यादा सफर कर रहे हैं।
2024 के मुकाबले इस साल यात्रीभार में 11.2% की गिरावट हुई
इस साल जनवरी में एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पैसेंजर्स की संख्या 5 लाख 69 हजार 314 थी। जो जुलाई में 1 लाख 50 हजार 16 पैसेंजर्स से घटकर सिर्फ 4 लाख 19 हजार 298 पर पहुंच गई है। वहीं, मई के महीने में पैसेंजर्स की संख्या 3 लाख 97 हजार 186 ही रह गई। वहीं, 2024 की तुलना में साल 2025 में अप्रैल से जुलाई तक यात्रीभार में औसतन 11.2% की गिरावट दर्ज की गई है।
जयपुर एयरपोर्ट पर सिर्फ इस साल ही पैसेंजर की संख्या कम नहीं हो रही है। बल्कि, यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले भी काफी कम हो रहा है। पिछले साल अप्रैल में पैसेंजर की संख्या 4 लाख 56 हजार से ज्यादा थी। इस साल अप्रैल में सिर्फ चार लाख दो हजार पैसेंजर ने ही जयपुर एयरपोर्ट से सफर करना पसंद किया है। जुलाई में पिछले साल 4 लाख 68 हजार से ज्यादा पैसेंजर्स ने जयपुर एयरपोर्ट से सफर किया था। पिछले साल के मुकाबले इस साल 10% कम सिर्फ 4 लाख 19 हजार 298 पैसेंजर ने ही जयपुर एयरपोर्ट से सफर किया है। इसको लेकर एयरपोर्ट प्रशासन भी अब चिंता में है।
दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान भरना पसंद कर रहे यात्री
यात्रियों के अनुसार फ्लाइट्स की संख्या में कमी और एयरपोर्ट पर सुविधाओं की कमी उनकी असुविधा का बड़ा कारण बन रही है। यही वजह है कि पैसेंजर्स अब जयपुर एयरपोर्ट के बजाय दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान भरना पसंद कर रहे हैं। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार इस साल जयपुर एयरपोर्ट पर रनवे रिकार्पेटिंग नोटम लागू होने वाला था। इसकी वजह से एयरलाइन कंपनी ने अपनी फ्लाइट की संख्या में कमी की थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय विवाद और भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की वजह से भी फ्लाइट संचालन प्रभावित हुआ था। ऐसे में ट्यूरिस्ट सीजन शुरू होने के साथ ही जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट का संचालन फिर सुचारु रूप से होने लगेगा।



