दादरी | जलवायु परिवर्तन की तेज़ होती चुनौतियों और जलवायु जनित आपदाओं से निपटने के लिए आज गौतमबुद्धनगर के जिला ग्राम्य विकास संस्थान, दादरी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीन दिवसीय जनपद स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का विषय था —
“ग्राम्य जलवायु परिवर्तन एवं जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन पर क्षमता संवर्द्धन”।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी प्रियंका शर्मा ने इस कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षन का उद्देश्य: तैयार करना सशक्त ग्रामीण नेतृत्व
बढ़ती जलवायु आपदाओं के प्रभाव को देखते हुए यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की नीतियों, तकनीकों और व्यवहारिक पहलुओं से लैस करने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का लक्ष्य आपदा के समय तुरंत और प्रभावी कदम उठाने के लिए स्थानीय नेतृत्व की क्षमता को मजबूत करना है।
पहले दिन की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ
प्रशिक्षण के पहले दिन ग्राम्य विकास, कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व और पंचायतीराज विभागों के कुल 30 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
एन.डी.आर.एफ. गाजियाबाद के निरीक्षक विनोद कुमार ने आपदाओं के विभिन्न प्रकार, उनके प्रभाव और प्रबंधन की मूलभूत अवधारणाओं पर गहन चर्चा की। उन्होंने टीम के साथ मिलकर सी.पी.आर. (Cardiopulmonary Resuscitation) का व्यावहारिक प्रदर्शन कर सभी को जीवनरक्षक तकनीकों से परिचित कराया।
विषय विशेषज्ञ विजयपाल सिंह ने “आपदा क्या है और उससे कैसे बचाव करें” विषय पर स्पष्ट और सरल भाषा में जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों में जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
मास्टर ट्रेनर अशोक कुमार राघव ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उनके भाषण ने प्रतिभागियों को कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया।

पूर्व प्रशिक्षण: अग्नि आपदा प्रबंधन में व्यावहारिक दक्षता
13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय अग्नि आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में भी एन.डी.आर.एफ. की टीम ने अग्निशमन की तकनीकों, बचाव तंत्र और आपातकालीन सेवा में त्वरित प्रतिक्रिया के व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किए।
डी.आर.पी. हाथरस के ऋषभ तोमर ने राज्य एवं राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि (SDRF और NDRF) की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि अग्निशमन विभाग के सुनील कुमार त्यागी ने अपने अनुभव साझा करते हुए आपदा प्रबंधन की वास्तविक चुनौतियों को उजागर किया।
प्रशिक्षण का सार: सामूहिक सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम
दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुल 61 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक भाग लिया। सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल से लैस ये अधिकारी अपने क्षेत्र में आपदा के प्रभाव को कम करने और समय पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम होंगे।
आगे की दिशा: सुरक्षित और जागरूक समाज की ओर
जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाओं को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रशासन की तैयारी को सशक्त करेंगे बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर जनता की सुरक्षा व जागरूकता को भी बढ़ाएंगे। यह पहल पूरे प्रदेश में आपदा प्रबंधन की समग्र क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



