Friday, March 6, 2026
spot_img
Homeअन्तराष्ट्रीयखैबर पख्तूनख्वा में सीमा पर फिर भड़की गोलीबारी, अफगान सेना की उकसावे...

खैबर पख्तूनख्वा में सीमा पर फिर भड़की गोलीबारी, अफगान सेना की उकसावे वाली फायरिंग पर पाकिस्तानी सेना ने दिया कड़ा जवाब

खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान: डूरंड रेखा पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक झड़पों के रूप में उभर कर सामने आया है। मंगलवार रात खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच हुई गोलीबारी ने क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सीमा चौकियों पर बिना किसी उकसावे के फायरिंग करने का आरोप लगाया है, जबकि जवाबी कार्रवाई में कई चौकियों और टैंकों को भारी नुकसान पहुंचा है।

पाकिस्तान के सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया है कि अफगान पक्ष ने अचानक और बिना किसी कारण के फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने सटीक और तीव्र जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान टीवी (पीटीवी) ने कहा, “अफगान तालिबान और फितना अल-खवारिज ने कुर्रम में पहले फायरिंग की, जिसका पाकिस्तानी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।” दो पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने भी इस झड़प की पुष्टि की।

वहीं, अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के पुलिस उप प्रवक्ता ताहिर अहरार ने भी सीमा पर हुई झड़पों की पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।

सीमा पर जारी तनाव, हिंसक मुठभेड़ों की लंबी श्रृंखला

यह झड़प इस सप्ताह सीमा पर हुई दूसरी बड़ी गोलीबारी घटना है। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अफगान सेना और पाकिस्तानी तालिबान ने संयुक्त रूप से बिना उकसावे के एक पाकिस्तानी चौकी पर गोलीबारी की, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने कड़ा जवाब दिया। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के एक बड़े प्रशिक्षण शिविर को नष्ट कर दिया है।

पाकिस्तानी सेना ने फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। शनिवार को हुई झड़पों में दर्जनों लोग घायल हुए थे, जिसके बाद से सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हालांकि, सऊदी अरब और कतर की मध्यस्थता के कारण रविवार को कुछ समय के लिए संघर्ष थमा, लेकिन सीमा क्षेत्र में तनाव बरकरार है और दोनों देशों ने सीमाएं बंद कर रखी हैं।

टीटीपी की मौजूदगी से बढ़ता तनाव

पाकिस्तान लंबे समय से टीटीपी के ठिकानों पर सीमा पार हमलों का आरोप अफगानिस्तान पर लगाता रहा है। टीटीपी, जो अफगान तालिबान से अलग लेकिन उससे करीबी संबंध रखने वाला संगठन है, इस्लामाबाद के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बना हुआ है। पाकिस्तान का दावा है कि अफगान सरकार अपनी सीमा पर टीटीपी को अपने अभियान चलाने की अनुमति देती है, जबकि काबुल इन आरोपों को सख्ती से खारिज करता है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट और कूटनीतिक चुनौतियाँ

डूरंड रेखा पर बढ़ते तनाव ने न केवल स्थानीय स्तर पर सुरक्षा की स्थिति को खराब किया है, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में राजनीतिक और सामरिक अस्थिरता की संभावनाएं भी बढ़ा दी हैं। क्षेत्रीय विशेषज्ञ मानते हैं कि इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान तभी संभव है जब दोनों देश बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की पहल करें।

इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी दोनों देशों से संयम बरतने और सीमा विवाद के समाधान के लिए संवाद शुरू करने की अपील की है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments