वाराणसी: यूपी में मानसून सीजन में नदियां उफान पर हैं। वाराणसी का रत्नेश्वर महादेव मंदिर गंगा में आधा से ज्यादा डूब गया। यह दुनिया का पहला झुका हुआ मंदिर माना जाता है, जो 9 डिग्री पर झुका हुआ है। हरिश्चंद्र घाट भी डूब गया। इसके चलते शवदाह स्थल की जगह बदल दी गई है।
इसके अलावा पंडा-पुरोहितों की 300 से ज्यादा चौकियां डूब गईं। काशी में गंगा का जलस्तर 4 दिन में 15 फीट तक बढ़ा है। रात 11 बजे तक गंगा का जलस्तर 62.63 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 71.262 है।
आज सुबह से ही लखनऊ, वाराणसी, बलरामपुर, उन्नाव, पीलीभीत, गोंडा, सहारनपुर और ललितपुर जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। ललितपुर में गुरुवार रात 2 बजे से शुरू हुई बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हैं।

काशी का हरिश्चंद्र घाट जलमग्न हो गया है। इसके चलते शवदाह स्थल की जगह बदल दी गई है।
शुक्रवार सुबह सहारनपुर में बरसाती नदी में तेज पानी आ गया। नदी को पार करते समय बाइक सवार युवक बह गया। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बचाया। वहीं, लखनऊ में भी दोपहर को तेज बारिश शुरू हो गई। हजरतगंज इलाके में दिन में अंधेरा छा गया।
मौसम विभाग ने आज 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश लखीमपुर खीरी में 245.9 मिमी हुई। प्रदेश की बात करें तो 2.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 5.7 मिमी से 53 प्रतिशत कम है। वहीं, एक जून से अब तक प्रदेश में 133.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 122.5 मिमी से 18 प्रतिशत अधिक है।
अगले 3 दिन कैसा रहेगा यूपी का मौसम
5 जुलाई: यूपी के अधिकतर जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना है। कहीं-कहीं पर बिजली भी गिर सकती है। 6 6 जुलाई: पश्चिमी यूपी के लगभग सभी जिलों में बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी के अधिकतर जिलों में बादल छाए रहेंगे। 7 जुलाई: पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में हल्की बारिश हो सकती है।



