Friday, March 6, 2026
spot_img
Homeमध्य प्रदेशउज्जैन में क्षिप्रा उफान पर, घाट किनारे मंदिर डूबे:भोपाल में तेज बारिश;...

उज्जैन में क्षिप्रा उफान पर, घाट किनारे मंदिर डूबे:भोपाल में तेज बारिश; खरगोन-खंडवा समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल : मध्यप्रदेश में गुरुवार से फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी होने से खरगोन, खंडवा समेत 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

भोपाल में गुरुवार दोपहर 12 बजे के बाद कई इलाकों में तेज बारिश हुई। उज्जैन में क्षिप्रा नदी उफान पर है। घाटों पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। धार के मनावर में सुबह तेज पानी गिरा। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश हो सकती है।

सिवनी में 24 घंटे में 3 इंच पानी गिरा

मध्यप्रदेश के 11 जिलों में पिछले 24 घंटे में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा 3 इंच पानी सिवनी में गिर गया। रतलाम में 2.2 इंच, छिंदवाड़ा में 1.1 इंच और शिवपुरी में 1 इंच बारिश हुई।

भोपाल में हल्की बूंदाबांदी हुई तो उज्जैन, श्योपुर, खंडवा, इंदौर, सागर और धार में भी हल्की बारिश का दौर बना रहा।

प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही मानसून ट्रफ

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- बुधवार को एक मानसून ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजरी। एक अन्य ट्रफ की सक्रियता भी देखने को मिली।

वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। इसका अगले कुछ दिन में असर देखने को मिलेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा।

गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा

इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.1 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.5 इंच, शिवपुरी में 49.9 इंच और रायसेन में 49.6 इंच बारिश हुई है।

सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर में अब तक औसत 16.5 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 19 इंच, खरगोन में 19.1 इंच, खंडवा में 19.6 इंच और बड़वानी में 20.1 इंच पानी गिरा है।

एमपी में अब तक 35.6 इंच बारिश

प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.9 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है।

प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 97 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.1 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।

ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर

एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के 8 जिलों में से 7 में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं। दतिया में भी 96 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है।

भोपाल में अगस्त 2006 में 35 इंच बारिश हुई थी

भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच, 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी

इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बना था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है।

जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी

जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी।

जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश

उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments